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नौ ग्रह का जलाभिषेक कर की पूजा

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बौद्घ तपोस्थली श्रावस्ती स्थित दिगंबर जैन मंदिर मं पूजा अर्चन करते जैन समुदाय के लोग - फोटो : SRAWASTI
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कटरा (श्रावस्ती)। दिगंबर जैन मंदिर श्रावस्ती में शुक्रवार से श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान पूजा प्रारंभ की गई। आचार्य सुबल सागर महाराज की अध्यक्षता में आयोजित यह पूजा 19 मार्च तक आयोजित की जाएगी। जिसका शुभारंभ समिति के अध्यक्ष संजीव जैन तथा विशाल जैन ने ध्वजारोहण व पूजन के दौरान आचार्य ने नौ ग्रह का जलाभिषेक कर पूजा अर्चना कर किया गया।
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पूजन के दौरान आचार्य ने कहा कि जब तक श्रद्धा नहीं है, तब तक सब व्यर्थ है। श्रद्धा से परम तत्व प्राप्त होता है। श्रद्धा से ज्ञान और ज्ञान से चारित्र की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि मोक्ष मार्ग की प्रथम सीढ़ी श्रद्धा है। कोई कितना ही बड़ा त्यागी, महात्मा हो, अगर श्रद्धा नहीं है तो सब कुछ करने से भी कुछ नहीं होता। आचार्य ने सम्यक दर्शन को समझाते हुए कहा कि जो धैर्य रखता है वह ही मोक्ष मार्ग पर चलता है। भटकता हुआ जीव सच्चे मार्ग को नहीं खोज पाता। संशय की स्थिति मनुष्य को जीवन में भटका रहता है। श्रद्धा के बिना सब कुछ अधूरा है। सर्वप्रथम श्रद्धा और समर्पण हमारे अंदर होना चाहिए। जहां श्रद्धा नहीं है वहां समर्पण नहीं होगा।
आचार्य ने उदाहरण देते हुए कहा कि मीरा का गिरधर गोपाल के प्रति श्रद्धा और समर्पण एवं विश्वास ने विष को भी अमृत बना दिया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जिंदगी में कभी भी अपने किसी हुनर पर घमंड मत करना क्योंकि पत्थर जब पानी में गिरता है तो अपने ही वजन से डूब जाता है। इस मौके पर महेंद्र कुमार जैन, सुरेंद्र कुमार जैन, प्रकाश जैन, स्वरूप चंद्र जैन, राजीव जैन, सुधीर जैन सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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