श्रावस्ती। तराई में सूरज की किरणें आग उगल रही हैं। मौसम का पारा 39 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच चुका है। इसके साथ ही कभी बदली तो कभी चिलचिलाती धूप के कारण उमस काफी बढ़ गई है। जिससे लोग बेहाल हैं। वहीं कई दिन से बारिश नहीं होने के चलते किसानों के सामने सिंचाई का संकट खड़ा हो गया है।
पानी नहीं मिलने से धान की नर्सरी बचाने में दिक्कत हो रही है। इस बीच हो रही अघोषित बिजली कटौती ने भी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जिले में सूरज की किरणें लोगों को झुलसा रही हैं। सुबह से ही सूरज मानों आग उगल रहा है। इससे लोगों का घरों से बाहर निकला दूभर है। वहीं बादलों की लुकाछिपी व पूर्वा हवा के कारण बढ़ी उमस से लोग बेहाल देखे जा रहे हैं।
वहीं अघोषित बिजली कटौती ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। रात में होने वाली बिजली कटौती के कारण लोगों का चैन से सोना दूभर हो चुका है। जबकि दिन में कटौती के कारण लेग पसीने से तरबतर देखे जा रहे हैं। वहीं कई दिन से बरसात न होने के कारण खेती किसानी का कार्य भी प्रभावित हो रहा है।
बरसात न होने के कारण तराई में किसानों के सामने धान की नर्सरी बचाने में दिक्कत हो रही है। जिन किसानों की नर्सरी तैयार है वह पानी के अभाव में धान की रोपाई नहीं कर पा रहे हैं। इस संबंध में बहराइच के मौसम विशेषज्ञ डॉ. आरके श्रीवास्तव बताते हैं कि मौसम परिवर्तन का संकेत मिल रहा है। तापमान में उतार चढ़ाव का क्रम जारी रहेगा।