इकौना (श्रावस्ती)। तराई के मैदानी व नेपाल के पहाड़ों पर हुई मूसलाधार बारिश के बाद राप्ती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। जलस्तर बढ़ने के साथ ही राप्ती नदी ने कटान शुरू कर दी है। सबसे ज्यादा कटान राप्ती नदी के मुहाने पर बसे भुतहा गांव में हो रही है। कटान के डर से ग्रामीण खुद अपना आशियाना तोड़ कर सुरक्षित स्थान की ओर पलायन कर रहे हैं। वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि जिला प्रशासन ने कटान रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम नहीं किए हैं।
राप्ती नदी की कटान के जद में भुतहा गांव के प्राथमिक विद्यालय के साथ ही दो दर्जन से अधिक घर आ गए हैं। गांव निवासी अनंतराम, राम सागर, बदलूराम, मन्नतराम, रामनिवास, बुद्ध सागर,मिठाई लाल गौतम, राम संवारे गौतम, रमेश मिश्रा, आत्माराम पांडेय, मेवालाल यादव, दादू यादव, शिवकुमार, इंद्रजीत, जिलेदार वर्मा व जिमीदार वर्मा आदि ने बताया कि उनके घर कटान की जद में हैं।
जिस गति से नदी गांव के जमीन की कटान कर रही है, कुछ ही दिन में उनके घर नदी में समाहित हो जाएंगे। ग्रामीणों ने बताया कि नदी ने गांव आने वाले मुख्य मार्ग को पहले की काट दिया है, इससे आवागमन की भी समस्या है।
कटान रोकने के पुख्ता इंतजाम नहीं, घर तोड़ना मजबूरी
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन के जिम्मेदार कटान होने पर स्थलीय निरीक्षण करते हैं और कटान रोकने के प्रयास की बात कहते हैं। इसके बावजूद कटान रोकने के पुख्ता इंतजाम नहीं होते हैं। इससे पानी बढ़ने या घटने पर नदी तेजी से कटान करती है। मजबूरन हम अपने हाथों से अपना घर तोड़कर सुरक्षित स्थान पर जा रहे हैं। जिससे नुकसान को कम किया जा सके।
एसडीएम ने लिया जायजा
भुतहा गांव में जारी कटान की सूचना पर एसडीएम इकौना पीयूष जायसवाल राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। एसडीएम ने बताया कि राजस्व टीम नदी के जलस्तर व कटान पर नजर बनाए है। गांव में होने वाली क्षति का आकलन किया जा रहा है। ग्रामीणों की हरसंभव मदद की जाएगी।