श्रावस्ती। सिरसिया थाना क्षेत्र के चिल्हरिया मोड़ निवासिनी एक अनुसूचित जाति महिला को 11 वर्ष पूर्व दो लोगों ने पीटा था। मामले में विशेष न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए शुक्रवार को दोनों आरोपियों को साढ़े तीन वर्ष कारावास व दो दो हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
सिरसिया थाना क्षेत्र के चिल्हरिया मोड़ निवासिनी शिवरानी 21 नवंबर 2010 को नल पर हाथ पैर धो रही थी। इसी बीच पहुंचे गांव के ही ननकू व लहरी ने रास्ते पर गड्ढा खोदने की बात को लेकर जाति सूचक गाली देते हुए पिटाई कर दी।
जिससे शिवरानी के सिर पर गंभीर चोट आई। उसने सिरसिया थाने में दोनों के विरुद्ध मारपीट व अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कराया गया था।
इस मामले में गवाहों के बयान के आधार पर विशेष न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट उमेश कुमार द्वितीय ने ननकू व लहरी को दोषी मानते हुए साढ़े तीन वर्ष सश्रम कारावास व दो दो हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाया है। जिन्हें पुलिस अभिरक्षा में लेकर जिला कारागार बहराइच भेजा गया है।
भिनगा कोतवाली क्षेत्र के ग्राम परसिया राजा के मजरा तकिया निवासिनी साबूनिशा पत्नी अली अहमद उर्फ आफत अली के विरुद्ध हत्या के प्रयास सहित कई अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया था।
इस मामले में साबूनिशा द्वारा न्यायालय जिला एवं सत्र न्यायाधीश पर अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया था। जिसका जिला शासकीय अधिवक्ता केपी सिंह द्वारा विरोध किया। प्रभारी जिला जज सुदामा प्रसाद ने शुक्रवार को अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया। संवाद