श्रावस्ती। सोनवा थाना क्षेत्र के ग्राम बरावा हरगुन में चौदह वर्ष पूर्व धान काटने के दौरान चार लोगों की सामूहिक हत्या कर दी गई थी। मामले में बृहस्पतिवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने फैसला सुनाते हुए दो आरोपियों को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 58300 रुपये जुर्माना भी लगाया। वहीं, फरार आरोपियों के विरुद्ध विचारण अब भी जारी है।
सोनवा थाना क्षेत्र के ग्राम बरांवा हरगुन में चौदह वर्ष पूर्व हुए सामूहिक हत्याकांड में गुरुवार को न्यायालय ने अपना फैसला सुनाया। इस बारे में जानकारी देते हुए अभियोजन पक्ष की पैरवी कर रहे अपर जिला शासकीय अधिवक्ता सत्येंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि वादी मुकदमा नारायण दीन ने 21 अगस्त 2007 को मामला दर्ज कराया था। जिसमें उसने कहा था कि वह दिन में 12:00 बजे गांव के पश्चिम में अपने खेत में पत्नी राजपता के साथ काम कर रहा था।
थोड़ी दूर पर ही दामाद ननकू का खेत है। उस खेत में लगी धान की फसल को रामदयाल व ननकू पुत्रगण इंदल, मंगरे पुत्र प्रभु व नवाइन पत्नी इंदल काट रहे थे। तभी अशरफ नगर निवासी छेदी पुत्र गंगादीन, छेदी के पुत्र सुरेश, ननके, पृथ्वीराज, लल्लू, रामचंदर तथा मीना, सुंदरपता व राम कुमारी लाठी डंडा, फरसा, बल्लम, गड़ासा और कट्टा लेकर खेत में आ धमके।
धमकी देते हुए रामदयाल, ननकू, मंगरे व नेवाईन को गर्दन काटकर मार डाला था। बचाने गई राजपता को भी गंभीर चोट आई थी। इसका विचारण अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश जय सिंह ने किया। उपलब्ध साक्ष्य, गवाहों के बयान व अभियोजन के तर्कों के बाद छेदी व रामचंदर को दोषी करार देते हुए सश्रम आजीवन कारावास व प्रति अभियुक्त 58300 अर्थदंड की सजा सुनाई। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता पंकज गुप्ता ने बताया कि मामले में फरार अन्य आरोपियों के विरुद्ध मुकदमे का विचारण जारी रहेगा।