श्रावस्ती। दिसंबर माह में प्रस्तावित नगर निकाय चुनाव में प्रत्याशियों को नामांकन से लेकर धरोहर राशि तक के लिए अब अपनी जेब ज्यादा ढीली करना पड़ेगी। हालांकि चुनाव संचालन पर खर्च होने वाली धनराशि की अधिकतम सीमा को शासन ने नौ लाख रुपया कर प्रत्याशियों को कुछ राहत भी दी है। इस संबंध में सोमवार जिला निर्वाचन अधिकारी ने जरूरी दिशा निर्देश जारी किए।
इस संबंध में जिला निर्वाचन अधिकारी व डीएम नेहा प्रकाश ने बताया कि नगरीय निकायों के निर्वाचन में विभिन्न पदों हेतु नाम निर्देशित पत्रों का मूल्य एवं जमानत धनराशि तथा उम्मीदवारों द्वारा किये जाने वाले व्यय की अधिकतम सीमा का निर्धारण किया गया है। अब अध्यक्ष नगर पालिका परिषद पद अनारक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को नाम निर्देशन पत्र पर 500 रुपया व जमानत धनराशि 8000 रुपया जबकि आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए नाम निर्देशन पत्र 250 रुपया व जमानत धनराशि 4000 रुपया खर्च करना होंगे। इसके साथ ही चुनाव खर्च की अधिकतम व्यय सीमा को भी बढ़ाकर नौ लाख रुपया निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि सदस्य नगर पालिका परिषद पद हेतु अनारक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए नाम निर्देशन पत्र 200 रुपये व जमानत धनराशि 2000 रुपया और आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए नाम निर्देशन पत्र 100 रुपया व जमानत राशि 1000 रुपया निर्धारित की गई है। इनके लिए चुनाव खर्च की अधिकतम सीमा 2 लाख रुपया निर्धारित की गई है।
डीएम ने बताया कि इसी तरह अध्यक्ष नगर पंचायत पद के लिए अनारक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए नाम निर्देशन पत्र 250 रुपया व जमानत धनराशि 5000 रुपया एवं आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए नाम निर्देशन पत्र 125 रुपया व जमानत धनराशि 2500 रुपया तय की गई है जबकि चुनाव खर्च की अधिकतम सीमा ढाई लाख रुपया होगी। सदस्य नगर पंचायत पद हेतु अनारक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए नाम निर्देशन पत्र 100 रुपया व जमानत धनराशि 2000 रुपया एवं आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए नाम निर्देशन पत्र 50 रुपया व जमानत धनराशि 1000 रुपया जबकि चुनावी खर्च की सीमा 50 हजार रुपया निर्धारित की गई है।