इकौना (श्रावस्ती)। तहसील अधिवक्ता संघ, इकौना के अधिवक्ता एसडीएम के स्थानांतरण की मांग को लेकर आंदोलित हैं। अधिवक्ताओं ने तहसील न्यायालयों का बहिष्कार करने के साथ ही बौद्ध परिपथ जामकर प्रदर्शन की चेतावनी दी गई थी। इसे लेकर शुक्रवार को प्रशासन अलर्ट रहा। चक्का जाम करने पहुंचे अधिवक्ताओं को पुलिस ने बल प्रयोग कर रोक दिया। करीब एक घंटे तक चली जद्दोजहद के बाद एडीएम ने कार्रवाई का आश्वासन देकर अधिवक्ताओं को मनाया।
इकौना तहसील में तैनात उपजिलाधिकारी आरपी चौधरी पर अधिवक्ताओं के साथ अभद्रता करने व भ्रष्टाचार में लिप्त रहने का आरोप लगा है। इसी को लेकर तहसील अधिवक्ता संघ, इकौना के अधिवक्ता सभी राजस्व न्यायालयों का बहिष्कार कर रहे हैं। अधिवक्ता संघ ने उपजिलाधिकारी, इकौना के स्थानांतरण की मांग को लेकर शुक्रवार को बौद्ध परिपथ पर चक्का जामकर करने की चेतावनी दी थी। इसे देखते हुए तहसील क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दी गई थी।
शुक्रवार को बौद्ध परिपथ जाम करने पहुंचे अधिवक्ताओं को बल पूर्वक रोक दिया गया। इससे नाराज अधिवक्ताओं ने प्रशासन व एसडीएम, इकौना के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। मौके पर पहुंचे प्रभारी निरीक्षक, इकौना संतोष तिवारी के समझाने के बाद भी अधिवक्ता मानने को तैयार नहीं हुए। करीब एक घंटे तक तहसील गेट पर अधिवक्ताओं व पुलिस के बी नोकझोंक होती रही। इसके बाद मौके पर पहुंचे अपर जिलाधिकारी कमलेश चंद ने कार्रवाई करने का मौखिक आश्वासन देकर प्रदर्शन समाप्त कराया।
इस दौरान अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष दिलीप कुमार शर्मा व महामंत्री शिवपाल मिश्रा ने अधिवक्ताओं की मौजूदगी में उन्हें ज्ञापन देकर एसडीएम पर लगे आरोपों की जांच कराने व उनके स्थानांतरण की मांग की। ज्ञापन में अधिवक्ताओं का आरोप था कि एसडीएम एक वर्ष से तैनात हैं। भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है। वादकारियों को खुलेआम धमकाकर वसूली की जाती है। इस मौके पर अधिवक्ता पाटेश्वरी प्रसाद मिश्रा, वंशराज शुक्ला, आरपी सिंह, श्रीधर द्विवेदी, राजू सिंह, सुधीर शुक्ला, प्रभाकर त्रिपाठी, ज्ञान प्रकाश वर्मा, सुधीर पटवा, रामकुमार शुक्ला आदि मौजूद रहे।