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अब बच्चों के साथ वयस्क क्षय रोगियों को भी लिया जा सकेगा गोद

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श्रावस्ती। देश को वर्ष 2025 तक क्षय (टीबी) रोग से मुक्त करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत अब बाल क्षय रोगियों के साथ ही वयस्क महिला व पुरुष क्षय रोगियों को भी स्वयंसेवी संस्थाएं और गणमान्य नागरिक गोद से सकेंगे। विश्व क्षय रोग दिवस (24 मार्च) को जिले में 300 टीबी मरीजों को गोद लिया जाना है। इस मौके पर जिला मुख्यालय स्थित टीबी यूनिट सहित सभी ब्लॉक सीएचसी पर बृहस्पतिवार को कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एपी भार्गव ने बताया कि टीबी मरीजों को गोद लेने वाली संस्थाएं हर महीने उन्हें पोषण किट उपलब्ध कराएंगी। क्षय रोगियों का मनोबल बढ़ाते हुए बताएंगी कि इलाज से टीबी रोग पूरी तरह से ठीक हो जाएगा। इसी माह चलाए गए सक्रिय क्षय रोगी खोज अभियान के तहत जिले में 69 मरीज चिह्नित किए गए हैं। जिला मुख्यालय सहित ब्लॉक स्तर पर 7 टीबी यूनिट स्थापित हैं। जहां पर क्षय रोगियों की जांच और उपचार की नि:शुल्क सुविधा उपलब्ध है।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. संत कुमार ने बताया कि शासन के नए निर्देशों के चलते अब विश्व क्षय रोग दिवस यानी 24 मार्च से सभी तरह के क्षय रोगियों को गोद लेने के लिए एक माह का विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान बाल क्षय रोगियों के साथ ही वयस्क महिला क्षय रोगी को गोद लिया जाएगा। इसके बाद वयस्क पुरुष क्षय रोगी को गोद लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। गोद लेने वाली संस्था द्वारा क्षय रोगी को अपने परिवार के सदस्य के समान डॉट्स के माध्यम से दी जाने वाली औषधियों के नियमित सेवन के लिए प्रेरित किया जाएगा। इस अभियान की साप्ताहिक समीक्षा सीडीओ व सीएमओ द्वारा तथा मासिक समीक्षा जिलाधिकारी द्वारा की जाएगी। जिन क्षय रोगियों का उपचार समाप्त हो जाएगा, उनकी जगह नए क्षय रोगियों को गोद लेकर इस प्रक्रिया को जारी रखा जाएगा।
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राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के जिला कार्यक्रम समन्वयक रवि मिश्रा ने बताया कि क्षय रोगियों को इलाज के दौरान 500 रुपए प्रतिमाह पोषण भत्ता के रुप में पूर्व की भांति दिया जाता रहेगा। गोद लेने वाली संस्थाओं के द्वारा हर क्षय रोगी को हर महीने एक किलो मूंगफली, एक किलो भुना चना, एक किलो गुड़, एक किलो सत्तू, एक किलो तिल या गजक, एक किलो अन्य न्यूट्रीशन सप्लीमेंट आदि दिया जाएगा। यह उन्हें तब तक दिया जाता रहेगा जब तक वह पूरी तरह से ठीक नहीं हो जाते है।
दो हफ्ते या उससे अधिक समय से लगातार खांसी का आना, खांसी के साथ बलगम और बलगम के साथ खून आना, वजन का घटना एवं भूख कम लगना, लगातार बुखार रहना, सीने में दर्द होने क्षय रोग हो सकता है। यदि ऐसे लक्षण हैं तो क्षय रोग केंद्र पर टीबी की जांच कराएं। उपचारित मरीज अपनी दवा बीच में कदापि ना छोड़े।
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