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राप्ती पहुंची खतरे के निशान के ऊपर, बढ़ीं मुश्किलें

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श्रावस्ती। जिले सहित नेपाल व पहाड़ों पर हो रही बरसात के कारण राप्ती नदी का जलस्तर पांच सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। शुक्रवार दोपहर बारह बजे राप्ती नदी का जलस्तर खतरे का निशान पार कर 55 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। वहीं राप्ती बैराज से पानी डिस्चार्ज होने के कारण अब नदी का पानी कछार के खेतों को जलमग्र करता हुआ गांव की ओर तेजी से बढ़ रहा है। इससे कछारवासियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। वहीं मौसम विभाग की ओर से जारी अलर्ट के बाद कछारवासियों की धड़कने तेज हो रही है।
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राप्ती नदी का जलस्तर गुरुवार रात से पांच सेंटी मीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। शुक्रवार सुबह दस बजे नदी का जलस्तर राप्ती बैराज पर 128.15 मीटर मापा गया। जो दोपहर बारह बजे 128.25 मीटर पहुंच गया। यहां नदी के खतरे का निशान 127.70 मीटर है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सुबह दस बजे 56512 क्यूसेक पानी नदी में डिस्चार्ज किया गया। वहीं दोपहर बारह बजे 61810 क्यूसेक पानी नदी में डिस्चार्ज किया गया। जिसके चलते राप्ती नदी न विकराल रूप धारण कर लिया। राप्ती की इस विभीषिका को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से अलर्ट जारी किया गया है।
राप्ती नदी के अचानक बढ़े जलस्तर के बाद राप्ती की लहरें कछार में खेतों को जलमग्र करते हुए गांव की तरफ तेजी से बढ़ रही है। इसके चलते जमुनहा के उत्तमापुर, सर्रा, भवसाव, टिकुइया, भुड़कुलवा, टेडी पुरवा, नरायन पुरवा, संगमपुरवा, बरुआ, हरिहरपुर सहित कई अन्य गांव पानी से घिर रहे है। अचानक बाढ़ का पानी आ जाने से खेतों में लगी फसल जलमग्र हो रही है। वहीं सिरसिया क्षेत्र के पहाड़ों पर होने वाली बरसात के कारण भिनगा जंगल स्थित केन नाला सहित पहाड़ी नालों में भी अचानक उफान आ गया है। जिसके चलते बाढ़ की स्थिति दिखने लगी है।
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