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राप्ती नदी खतरे के निशान से 63 सेंटीमीटर ऊपर, कई गांव डूबे

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श्रावस्ती। राप्ती नदी में गुरुवार देर रात अचानक उफान आने से पानी खतरे के लाल निशान से 63 सेंटीमीटर ऊपर बहने लगा। नदी में अचानक आयी बाढ़ के कारण जमुनहा के नदी तट से जुड़े कई गांवों में पानी भर जाने से लोगों में भय व्याप्त होने लगा। शुक्रवार सुबह नदी का उफान थमने के साथ ही पानी उतरने लगा। इसके बाद ही अलर्ट जारी करने वाले प्रशासनिक अफसरों सहित नदी तट से जुड़े गांव के लोगों ने राहत महसूस की। दोपहर तक नदी का पानी खतरे के निशान से नीचे अपनी सामान्य स्थिति में पहुंच गया।
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नदी के उद्गम से जुड़े नेपाल में कई दिनों से बरसात हो रही है। इसी कारण पहाड़ी नालों का पानी सीधे राप्ती नदी में आ रहा है। इसके चलते ही गुरुवार रात करीब सात बजे राप्ती नदी का पानी खतरे के निशान 127.70 मीटर को पार कर 127.92 मीटर पर पहुंच गया। नदी का जलस्तर रात को लगातार बढ़ने से तलहटी से जुड़े गांव क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा। शुक्रवार तड़के करीब चार बजे राप्ती का पानी अपने अधिकतम स्तर 128.33 मीटर पर पहुंच गया। इसे देखते हुए प्रशासन ने रात में ही नदी से जुड़े आस पास के इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर दिया। लेकिन सुबह सूर्योदय के साथ ही राप्ती के जलस्तर में कमी आना शुरू हो गयी और दोपहर बारह बजे तक राप्ती का पानी खतरे के निशान की न्यूनतम सीमा 127.70 पर पहुंच गया। इसके बाद ही सभी ने राहत महसूस की।
जमुनहा के उत्तमापुर, सर्रा, भवसाव, टिकुइया, भुड़कुलवा, टेडी पुरवा, नरायन पुरवा, सँगमपुरवा, बरुआ, हरिहरपुर सहित बीस गांव पानी से घिरे हुए हैं। बाढ़ का पानी आ जाने से धान व मक्का की फसल को नुकसान पहुंचा। वहीं मल्हीपुर से भिनगा के बीच सर्रा के पास नदी का कटान तेज होने के कारण आवागमन भी प्रभावित रहा। इस दौरान सर्रा गांव के पास सड़क पार करते समय एक मोटर साइकिल सवार पानी के बहाव में फंस गया जिसे ग्रामीणों की मदद से सकुशल निकाला जा सका। वही भिनगा जा रहा एक ट्रैक्टर भी तेज बहाव में फंस गया। जिन इलाकों से मुख्यालय तक का आगमन बाधित हुआ वहां एनडीआरएफ की टीम व जिले के आला अधिकारियों ने भी निरीक्षण कर स्थिति को परखा।
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राप्ती में गुरुवार देर रात से पानी का स्तर अचानक बढ़ने से खतरे के निशान पार हो गया था। लेकिन शुक्रवार दोपहर से पानी उतरने के साथ ही स्थिति पुन: सामान्य हो गयी। सभी अधिकारियों को नदी के बहाव पर लगातार निगरानी रखते हुे अलर्ट रहने का निर्देश दिया गया है।
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टीके शिबु, जिलाधिकारी
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