श्रावस्ती। भिनगा विधानसभा में भाजपा को 5.87 प्रतिशत व श्रावस्ती में सपा को 0.58 प्रतिशत वोटों से शिकस्त मिली है। इस शिकस्त का कारण दोनों स्थानों पर स्थानीय बनाम बाहरी मुद्दा बताया जा रहा है। रिजल्ट आने के बाद वोटर खुल कर इस मुद्दे पर बहस कर रहे हैं। वोटर किसी भी हालत में अब बाहरी प्रत्याशियों को स्वीकार करने की स्थिति में नहीं है। इसी मुद्दे के कारण एक स्थान पर भाजपा तो दूसरे स्थान पर सपा को नुकसान हुआ।
विधानसभा चुनाव का रिजल्ट आ चुका है। जिले की दोनों सीटों में से भिनगा में सपा से इंद्राणी वर्मा की जीत हुई है। उन्हें कुल 44.85 प्रतिशत वोट मिले है। जबकि उसके निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा के पदम सेन चौधरी को 38.98 फीसदी मत ही मिल पाए। यहां रिजल्ट आने के बाद अब मतदाता मुखर स्थिति में है। रिजल्ट घोषित होने के बाद गली-गली में हो रही समीक्षा में यह बात खुल कर आ रही है कि चुनाव में मुद्दा स्थानीय बनाम बाहरी का रहा। इसके साथ ही वोट का ध्रुवीकरण व बाहरी के मुद्दे पर वोट का स्थानांतरण भाजपा की हार का कारण बना। यदि वोटरों की मानें तो भाजपा के पदम सेन चौधरी को उनके ही सजातीय वोट का साथ न के बराबर मिला। इसका कारण है कि स्थानीय जातिगत वोट सपा के खेमे में चले गए।
इसका अंदाजा चुनाव प्रचार के दौरान ही लग रह था। जब भाजपा के खेमे में वर्मा जाति के वोटरों की उपस्थिति गिनी चुनी मानी जा रही थी। सजातीय वोट के खिसकने के साथ ही स्थानीय बनाम बाहरी का मुद्दा भी खूब चला। इस मुद्दे का असर अन्य पिछड़े मतों पर ज्यादा दिखाई दिया। अन्य पिछड़ा वर्ग जो अभी तक भाजपा का वोटर हुआ करता था। वह कुछ संख्या में सपा के खेमे में चला गया। बाकी यादव व मुसलिम वोट अधिकतम संख्या में सपा के खेमे में पहले से ही थे। स्थानीय बनाम बाहरी के मुद्दे पर सजातीय वोटों का सपा की ओर केंद्रित होना ही भाजपा के भीतरघात के कारण यहां भाजपा हार गई। यही स्थिति श्रावस्ती विधानसभा क्षेत्र में देखने को मिला।
वहां जीत हार का अंतर एक प्रतिशत से भी कम था। लेकिन यहां सपा को भी स्थानीय बनाम बाहरी होने के कारण नुकसान झेलना पड़ा। इसके साथ ही मुस्लिम वोटों में कांग्रेस से आए मोहम्मद रमजान ने 4655 व पीस पार्टी के अहतिसमुल हम का 3478 वोट काटना सपा के लिए भारी नुकसान साबित हुआ। जबकि भाजपा को स्थानीय होने के साथ-साथ अनुसूचित जाति, अन्य पिडछ़ा वर्ग व सजातीय ब्राह्मण वेटरों का अधिकतम लाभ मिला। जिसके कारण वहां लगभग आधे प्रतिशत वोट से जीत हुई। दोनों विधानसभा सीम में वोटिंग का माहौल एक ही था। मुद्दा एक ही चला। लेकिन दोनों सीटों पर मुसलिम व यादव वोटरों का अधिकतम वोट समाजवादी पार्टी को मिला तो दोनों स्थानों पर स्थानीय बनाम बाहरी मद्दे के कारण एक स्थान पर भाजपा तो दूसरे स्थान पर सपा को नुकसान हुआ। (संवाद)
डाक वोट ने दिखाया कर्मचारियों का रुझान
विधानसभा चुनाव में भाजपा भले ही सरकार बना रही हो लेन कर्मचारियों का रुझान भाजपा के विरोध में ही दिखाई दिया। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि श्रावस्ती विधानसभा क्षेत्र में कुल 878 डाक वोट पड़े। इसमें से सपा को 498 व भाजपा को 193 मत ही मिले। जबकि बसपा को 170 मत मिल पाए। ऐसे ही भिनगा विधानसभा में कुल 774 डाक मत पड़े थे। इसमें से सपा को 424 व भाजपा को 162 तो बसपा को 78 मत मिले। यहां कुछ डाक मत निर्दलियों को भी मिले हैं।