बोधि वृक्ष की पूजा करते अनुयायी। - संवाद
कटरा। बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती शनिवार को थाईलैंड से आए अनुयायियों के 70 सदस्यीय दल से गुलजार रही। सभी ने बौद्ध भिक्षु विमल तिस्स के नेतृत्व में पारंपरिक तरीके से बोधि वृक्ष का पूजन-अर्चन किया। इस दौरान बौद्ध सभा का भी आयोजन किया गया।
बौद्ध सभा में शास्ता की जानकारी देते हुए भिक्षु विमल तिस्स ने बताया कि एक शास्ता ऐसा होता है, जिसका ज्ञान-दर्शन शुद्ध नहीं होता है, लेकिन वह घोषणा करता है कि वह शुद्ध, निर्मल व स्वच्छ ज्ञान-दर्शन वाला है। उसके श्रावक यह जानते हैं कि यह जो शास्ता है, इसका ज्ञान-दर्शन शुद्ध नहीं है, लेकिन ये घोषणा करता है कि यह शुद्ध, स्वच्छ व निर्मल ज्ञान दर्शन वाला है।
बताया कि गृहस्थों को यह बात कहें तो यह उनके लिए अच्छा नहीं होगा। शास्ता के ज्ञान-दर्शन की रक्षा उसके श्रावक करते हैं। अनुयायियों ने बौद्ध सभा के बाद तपोस्थली के विभिन्न स्थलों का भ्रमण कर उनके इतिहास की जानकारी ली।