श्रावस्ती। बाढ़ व बरसात ने भले ही किसानों का काफी नुकसान किया हो, लेकिन फुटकर सब्जी विक्रेताओं के लिए मुनाफाखोरी का जरिया बन गई है। फसल चौपट होने के बाद बची सब्जियों का मंडी में उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। वहीं, फुटकर विक्रेता उपभोक्ताओं को महंगे दामों पर बेच रहे हैं।
जिन किसानों की सब्जियों की फसल किसी तरह बच गई उनको मंडी में उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। आढ़ती सब्जियों में खामियां बताकर कम दामों पर खरीद कर किसानों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे किसानों को लागत भी नहीं मिल पा रही है। वहीं, किसानों से खरीदी गई सब्जियां भिनगा व इकौना सहित जिले की अन्य बाजारों में काफी ऊंचे दाम पर बेचकर दुकानदार मालामाल हो रहे हैं।
प्रमुख आलू व्यवसायी रफीक रायनी बताते हैं कि खेतों में पानी भर जाने के कारण भिंडी, बैगन आदि में कीड़े पड़ गए हैं। मंडी में हरी सब्जियां कम आने के कारण भाव बढ़ना स्वाभाविक हैै। सिराज बताते हैं कि बाढ़ व बरसात के कारण आलू व लहसुन-प्याज की बोआई रुक गई है। शीबू रायनी बताते हैं कि बाढ़ व बरसात के कारण हरी सब्जियों के दाम बढ़े हैं।
नाम मंडी मूल्य (रविवार) फुटकर मूल्य
लौकी 10 20
तरोई 25 40
कद्दू 16 20
प्याज 18 25
परवल 40 60
बैगन 22 30
गोभी 30 40
भिंडी 25 40
शिमला मिर्च 80 100
पालक 20 40
लोबिया 40 60
करेला 30 50
कुंदरू 24 30
(भाव प्रति किलो भिनगा मंडी व फुटकर बाजार का है)