हस्तांतरण के तीन वर्ष बाद भी नहीं हो सकी चिकित्सक व स्टाफ की तैनाती
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रावस्ती। स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में फिसड्डी तराई क्षेत्र की दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रहीं हैं। लक्ष्मनपुर क्षेत्रवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए करोड़ों खर्च कर बनाई गए सीएचसी में तीन वर्ष बाद भी ताला लटक रहा है। क्षेत्र की करीब पचास हजार की आबादी आज भी बेहतर इलाज के लिए भिनगा व बलरामपुर का चक्कर लगा रही है। सिरसिया का लक्ष्मणपुर बाजार भिनगा, सिरसिया व बलरामपुर के मथुरा बाजार के मध्य स्थित है। यहां से इन तीनों ही प्रमुख बाजारों की दूरी पंद्रह से बाइस किलोमीटर है। यहां क्षेत्र के करीब पचास गांवों में निवासरत लगभग एक लाख की आबादी को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए पीएचसी का उच्चीकरण किया गया था। वर्ष 2020 में निर्माण कार्य पूरा कर इसे विभाग को हस्तांतरित भी कर दिया गया। इसके बाद भी अब तक उच्चीकृत सीएचसी का संचालन प्रारंभ नहीं हुआ है। कोरोना काल में सुविधा के लिए यहां ऑक्सीजन प्लांट भी स्थापित कराया गया था। इसके बावजूद विभाग की ओर से अब तक यहां चिकित्सक व अन्य पैरामेडिकल स्टाफ का न तो पद सृजित किया गया और न ही किसी की तैनाती ही की गई। इसके चलते अस्पताल में ताला लटक रहा है। बेहतर इलाज के लिए लोगों को 17 किलोमीटर दूर संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा या फिर 22 किलोमीटर की दूरी तय कर सिरसिया जाना पड़ता है। आपातकाल में सुविधा न मिल पाने के कारण मरीज निजी चिकित्सकों का सहारा लेने को विवश हैं।
पेयजल संकट से मरीज परेशान
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, लक्ष्मणपुर बाजार में लगा आरओ पांच वर्ष से खराब है। ऐसे में यहां मरीज व तीमारदारों को हैंडपंप का सहारा लेना पड़ रहा है। लगातार शिकायत के बाद भी विभाग को खराब आरओ की मरम्मत की याद नहीं आ रही है। बाॅक्स में
इन गांवों के लोगों को मिलती सुविधा
सीएचसी लक्ष्मणपुर का संचालन प्रारंभ होने से अमरहवा, लक्ष्मणपुर बाजार, परसिया राजा, गढ़ी, हररैया तराई, जानकीनगर, बेलास, जोखवा बाजार, रामनगर चराईडीह, केशवपुर, जोगिन भरिया, भीखपुर तराई, बारातभारी, पडरी, गोपालपुरवा, एकघरवा, बेनीडिहवा, लालपुर अयोध्या, बहादुरपुर, गोड़पुरवा, संग्रामगंज, बौरिहवा, बन्ठिहवा, संहारपुरवा, अग्गापुर, भुजंगा, बकवा, रामपुर देवमन व दुर्गापुर सहित पचास ग्राम पंचायतों को सहूलियत मिलती।
वर्जन
लक्ष्मनपुर सीएचसी में स्टाफ के लिए कई बार पत्राचार किया जा चुका है। जो भी होगा निदेशालय स्तर से ही होगा। - डॉ. एसपी तिवारी, सीएमओ