श्रावस्ती। तराई में मौसम का मिजाज अब काफी गर्म हो चुका है। बैशाख मास के अंतिम पखवारे में ही लोगों को जेठ की तपन का अहसास होने लगा है। ऐसे में परिषदीय विद्यालयों में शिक्षणरत छात्र-छात्राओं को पठन-पाठन में दिक्कत हो रही थी। जिसे देखते हुए परिषदीय विद्यालयों का समय परिवर्तित कर दिया गया है। सोमवार से कक्षा एक से लेकर आठ तक के सभी सरकारी विद्यालय सुबह साढ़े सात से साढ़े बारह बजे तक खुलेंगे।
सर्व शिक्षा अभियान के जिला समन्वयक अजीत कुमार उपाध्याय ने बताया कि जिले के अधिकांश परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय गांव से बाहर कुछ दूरी पर बनाए गए हैं। जहां बिजली व पंखे की व्यवस्था तो की गई है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्र होने के कारण अक्सर दोपहर में बिजली कटौती होती रहती है। इतना ही नहीं विद्यालय भवन बहुमंजिल न होने के कारण उसमें बैठने वाले बच्चों को दोपहर बाद भीषण गर्मी का अहसास होता है। अधिकांश विद्यालयों में छायादार वृक्ष न होने के कारण न चाहते हुए भी उमस व तपन भरी गर्मी के बीच बच्चों को पठन-पाठन करना पड़ता है। अब तक तराई में मौसम का पारा बढ़ कर 41 डिग्री सेल्सियस पार कर गया है। अप्रैल में ही मई जैसी गर्मी पड़ने लगी है। ऐसे में बच्चों को उमस भरी गर्मी से बचाने के लिए शासन द्वारा सोमवार से कक्षा एक से लेकर आठ तक के सभी सरकारी विद्यालय सुबह 7.30 सात से दोपहर 12.30 बजे तक खोलने के निर्देश दिए गए हैं।
इस निर्देश के बाद जिला बेसिक शिक्षाधिकारी प्रभुराम ने सभी प्रधान शिक्षकों व प्रभारी शिक्षकों को सोमवार से कक्षा एक से लेकर आठ तक के सभी विद्यालयों को सुबह साढ़े सात से साढ़े बारह बजे तक खोलने का निर्देश दिया है। साथ ही शिक्षकों को समय से विद्यालय खोलने व बंद करने तथा बच्चों को मेन्यू के अनुसार मध्याह्न भोजन देने का निर्देश दिया है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि औचक निरीक्षण में आदेश की अवहेलना होती मिली तो संबंधितों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।