श्रावस्ती। बाल विकास परियोजना जमुनहा मे कार्यरत चौदह आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सीडीपीओ के खिलाफ सोशल मीडिया पर आरोप लगाना महंगा पड़ा। सीडीपीओं ने सभी कार्यकर्ताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही जिला कार्यक्रम अधिकारी को पत्र भेज उपरोक्त अभिलेखों व कार्यों का सोशल ऑडिट कराने को कहा है।
बाल विकास परियोजना अधिकारी जमुनहा ने कुछ दिन पूर्व 15 आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान कार्यकर्ता अनुपस्थित पाए गए थे। इस पर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। इस नोटिस में एक सप्ताह के अंदर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को कहा गया था। लेकिन आंगनबाड़ी केंद्र नासिरगंज (काला) ने ही अपना उत्तर प्रस्तुत किया था। इसके अतिरिक्त आंगनबाड़ी केंद्र गलगलकोटिया की पूलम त्रिपाठी, ददौरान की जीनत बानो, चंदन कोटिया की पूनम श्रीवास्तव, शिकारी चौड़ा की अंजय वर्मा, बांसगढ़ी की गीतावर्मा, सागरगांव की सुनीता, कलकलवा की किरन वर्मा, रघुनाथपुर की अनीता आर्या, कोदिया गांव की पम्मी सिंह, ददौरान की अनीता सिंह, बरगदहा की नसीमा, फतेहपुर कला की फरीदा बेगम, पिपरहवा की रूबी सिंह व देवरा की जानकी ने इस नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया। बल्कि उन्हीं के ऊपर आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया व समाचार पत्रों में समाचार प्रकाशित करा दिया।
इस पर सीडीपीओ ने इन सभी कार्यकर्ताओं को पुन: नोटिस जारी किया है। जिसमें लिखा है कि इन लोगों ने पूर्व में भेजे गए नोटिस पर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत न करके घोर अनुशासनहीनता की गई। जबकि कार्यकर्ताओं पर नियिमित केंद्र संचालन न करने, लाभार्थियों को लाभ से वंचित करने, केंद्र पर पंजीकृत बच्चों का प्रतिमाह वजन न करने, सैम मैम श्रेणी के बच्चों को संदर्भन व प्रबंधन न करने सहित कई कमियां पत्र में लिखी गई है। इस पत्र में प्रकाशित समाचार की पुष्टि करता हुआ समस्त साक्ष्य मांगते हुए निदेशक सहित जिले के सभी अधिकारियों को पत्र लिखा है।
इसके साथ ही जिला कार्यक्रम अधिकारी को पत्र लिख कर इन केंद्रों की अभिलेखों व कार्यों की सोशल ऑडिट कराने को कहा गया है। इस संबंध में बाल विकास परियोजना अधिकारी जमुनहा का कहना है कि केवल उनपर केंद्रों की जांच न करने का दबाव बनाने के लिए मनगढ़ंत आरोप लगाए गए थे। इसलिए सभी को दूसरा नोटिस भेजी गई है। यदि समय पर इसका जवाब नहीं दिया जाता है। तो कार्रवाई के लिए पत्र उच्चाधिकारी को भेजा जाएगा।