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दुष्कर्म के मामले में दस वर्ष का सश्रम कारावास

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श्रावस्ती। सिरसिया थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी किशोरी के साथ करीब सात वर्ष पूर्व दुष्कर्म किया गया था। मामले में शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए अपर सत्र न्यायालय (रेप अलांग विद पॉक्सो एक्ट) के न्यायाधीश ने आरोपी को दस वर्ष सश्रम कारावास व 25 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।
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अभियोजन पक्ष से पैरवी कर रहे अपर जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) सत्येंद्र बहादुर सिंह के अनुसार, पीड़िता ने 3 सितंबर, 2015 को सिरसिया थाने में प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें उसने कहा था कि दो सितंबर की शाम करीब तीन बजे वह अपनी बहन के साथ धान की निराई करने खेत जा रही थी। उसके पीछे पिता भी आ रहे थे। जैसे ही पीड़िता व उसकी बहन काशीराम पाठक के मकई के खेत के पास पहुंची तभी वहां पहले से घात लगाए बैठे सिरसिया थाना क्षेत्र के गेहूंआ भारी निवासी ननके पांडे व उसके साथी अर्जुन पांडे और रामू शुक्ला ने उसे दबोच लिया। जबरदस्ती मकई के खेत में खींच ले गए जहां पीड़िता के साथ बलात्कार किया गया। इस दौरान उसकी बहन घर की तरफ भाग गई थी।
उसने ही पिता को घटना की जानकारी दी थी। इसके बाद पीड़िता को बचाने पहुंचे पिता ने ननके पर लाठी से प्रहार किया तो वह मोटरसाइकिल घटनास्थल पर ही छोड़कर भाग गया था। बाद में गांववालों ने बाइक जला दी थी। गवाहों के बयान व अपर जिला शासकीय अधिवक्ता की दलीलों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश (रेप अलांग विद पॉक्सो एक्ट) परमेश्वर प्रसाद ने ननके पांडे को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष सश्रम कारावास व 25000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। दोषी ननके पांडे को पुलिस अभिरक्षा में जिला कारागार, बहराइच भेजा गया है।
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