श्रावस्ती। निर्माण कार्य पूरा हो जाने के दो साल बाद भी लक्ष्मनपुर सीएचसी का संचालन शुरू नहीं हो पाया है। बीते दो साल डाक्टरों की तैनाती न हो पाने के कारण इसका संचालन अटका पड़ा है। एक तरफ प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए मुख्यमंत्री सभी ब्लाकों में सीएचसी व पीएचसी स्थापित करने की बात कह रहे हैं वहीं दूसरी तरफ पहले से बने सीएचसी में इलाज सुविधा मुहैया नहीं हो पा रही है। कार्यदायी संस्था की ओर से सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद दो साल पहले निर्मित सीएचसी स्वास्थ्य विभाग को हस्तानांतरित की जा चुकी है।
शिक्षा व चिकित्सा के क्षेत्र में पिछड़ा श्रावस्ती जिले का सिरसिया विकास क्षेत्र सबसे निचले पायदान पर है। संसाधनों का अभाव झेल रहे सीमावर्ती इस क्षेत्र का लक्ष्मनपुर बाजार भी उपेक्षित है। बलरामपुर जिले की सीमा से सटे लक्ष्मनपुर बाजार से मुख्यालय भिनगा की दूरी पंद्रह किलोमीटर तो ब्लाक मुख्यालय सिरसिया की भी दूरी भी करीब 22 किलोमीटर से अधिक है। जहां जाने वाले दोनों मार्ग खस्ताहाल हैं। ऐसे में यहां बीमार लोगों को बेहतर इलाज के लिए घंटों का सफर तय करना पड़ता है।
राहत पहुंचाने के लिए वर्ष 2016 में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लक्ष्मनपुर बाजार का उच्चीकरण कर उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा देते हुए नए भवन का निर्माण शुरू कराया गया था। वर्ष 2020 में भवन निर्माण संबंधी कार्य पूरा हो जाने के बाद कार्यदायी संस्था ने उक्त भवन को उपयोग में लाने के लिए स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर भी कर। इसके बावजूद बीते दो साल से नवनिर्मित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर ताला लटक रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब तक इस सीएचसी का संचालन शुरू किए जाने के लिए चिकित्सकीय व पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती तक नहीं की है। विभागीय अफसरों की लापरवाही के कारण ही लाखों रुपया खर्च करने के बाद भी क्षेत्र वासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा का फायदा नहीं मिल पा रहा है। क्षेत्रीय लोगों ने इस संबंध में जिलाधिकारी नेहा प्रकाश व मुख्य चिकित्साधिकारी डा. एपी भार्गव को पत्र भेजकर दो साल से बंद सीएचसी का संचालन शीघ्र शुरू कराने की मांग की है।