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दहेज हत्या में पति समेत तीन को आजीवन कारावास

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श्रावस्ती। चार साल पहले दहेज के लिए हुई एक विवाहिता की हत्या के मामले में पति समेत तीन आरोपियों को सश्रम आजीवन कारावास के साथ ही 85 हजार के अर्थदंड की सजा सुनायी गयी है। भिनगा कोतवाली क्षेत्र के रामपुर ककरा गांव में हुई इस घटना में विवाहिता की लाश को छिपाने के लिए जमीन में गाड़ दिया गया था। मामले के विचारण के उपरांत बुधवार को अपर जिला सत्र न्यायालय (त्वरित न्यायालय) ने आरोपी पति, ससुर व चचेरे ससुर को आजीवन कारावास के साथ अर्थदंड की सजा सुनायी है।
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मामले में अभियोजन पक्ष की पैरवी कर रहे अपर जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) सत्येंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि भिनगा कोतवाली क्षेत्र के ग्राम जरकुसहा के मजरा पांडे पुरवा निवासी चिंतामणि पुत्र महाराज नारायण ने पांच जून 2017 को भिनगा कोतवाली में शिकायती पत्र दिया था। बताया कि उसने अपनी पुत्री साधना का विवाह 4 वर्ष पूर्व थाना क्षेत्र के रामपुर ककरा के मजरा केवटनपुरवा निवासी विनय कुमार उर्फ सत्यदेव पुत्र अरुण कुमार के साथ किया था। दहेज के लिए विनय अपने पिता अरुण कुमार, चाचा दिनेश कुमार, उत्तम कुमार व दोनों चचेरी सास पीड़ित की पुत्री को मोटर साइकिल, रंगीन टेलीविजन व एक तोला सोने की अंगूठी तथा 10 ग्राम सोने की चैन की मांग पूरी करने को लेकर प्रताड़ित करते थे। इसके लिए न सिर्फ पीड़ित की पुत्री को मारा पीटा गया वरन पीड़ित की पुत्री को बिस्तर में लपेट कर जला दिया गया। बाद में उसकी लाश अपने खेत में गाड़ दी। इतना ही नहीं पीड़िता के परिजनों को बताया गया कि उसकी पुत्री कहीं भाग गई है।
एसपी के निर्देश पर कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर जब सघन जांच शुरू की तो घर से सटे खेत से पीड़ित की पुत्री की लाश बरामद हुई। इसकी विवेचना के बाद तत्कालीन सीओ वीर सिंह ने मृतका के पति विनय कुमार, ससुर अरुण कुमार व चाचा दिनेश कुमार के विरुद्ध न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की थी। मुकदमे की सुनवाई करते हुए अपर जिला सत्र न्यायालय (त्वरित न्यायालय) अजय कुमार सिंह ने तीनों आरोपियों को दोष सिद्ध पाते हुए हत्या के आरोपी पति, ससुर व चचिया ससुर को सश्रम आजीवन कारावास की सजा व प्रति आरोपी 85 हजार का अर्थदंड भी लगाया है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता पंकज कुमार गुप्ता ने बताया कि अर्थदंड अदा न करने पर आरोपियों को दो वर्ष अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतना पड़ेगी।
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