श्रावस्ती। एकघरवा कुट्टी गांव स्थित एक घर में बृहस्पतिवार रात चोर घुस आए। पहले इन लोगों ने सीसीटीवी कैमरे की केबल काट दी इसके बाद घर में रखी तीन बड़ी व तीन छोटी अष्टधातु की मूर्तियां उठा ले गए। घटना के बाद एसपी ने मौके का जायजा लिया।
भिनगा कोतवाली क्षेत्र के एकघरवा कुट्टी गांव निवासी पदुमनाथ त्रिपाठी पुत्र देवनारायण त्रिपाठी के बाबा रामदत्त राम त्रिपाठी द्वारा करीब 107 वर्ष पूर्व मंदिर का निर्माण कराया गया था। इसमें अष्टधातु की राधा जी, कृष्ण जी, सीता जी, राम जी, लक्ष्मण जी, भरत जी, शत्रुघ्न जी व हनुमान जी की ढाई फीट की मूर्तियां स्थापित थीं। सीता जी, राधा जी, लक्ष्मण जी व हनुमान जी की छह इंच ऊंची मूर्ति भी स्थापित की गई थी। सभी बारह मूर्तियां अष्टधातु की थीं। करीब सात वर्ष पूर्व मंदिर जीर्णशीर्ण होने के कारण पुनर्निर्माण पदुमनाथ त्रिपाठी द्वारा शुरू कराया गया था, लेकिन परिवार के अन्य सदस्यों द्वारा सहयोग न दिए जाने के कारण मंदिर निर्माण का कार्य अधूरा रह गया।
ऐसे में इन सभी मूर्तियों को घर में स्थापित कराया गया था। निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। बृहस्पतिवार रात करीब डेढ़ बजे पहुंचे चोरों ने सीसीटीवी कैमरे का तार काट दिया। इसके बाद घर में रखी राधाजी, सीता जी, लक्ष्मण जी की बड़ी मूर्ति व रामचंद्र जी, लक्ष्मण जी व हनुमान जी की छोटी मूर्ति ले गए। इसकी जानकारी परिवारीजनों को रात में हुई। सूचना पदुमनाथ त्रिपाठी द्वारा फोन से भिनगा कोतवाली पुलिस को दी गई। सूचना के बाद प्रभारी निरीक्षक रमेश के साथ मौके पर पहुंचे एसपी अरविंद कुमार मौर्य ने घटना स्थल का जायजा लिया। मामले में पदुमनाथ त्रिपाठी की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के विरुद्ध मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। चोरी से पूर्व केबल काटने तक की चोरों की हरकत सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। इस बारे में पुलिस अधीक्षक बताते हैं कि मूर्तियों की बरामदगी व घटना का खुलासा करने के लिए क्राइम ब्रांच सहित तीन टीमें लगाई गईं हैं। जल्द ही खुलासा कर दिया जाएगा।
एकघरवा कुट्टी निवासी पदुमनाथ त्रिपाठी के घर से एक वर्ष पूर्व भी एक मूर्ति चोरी गई थी। मामला दर्ज कर पुलिस ने परिवार के ही अंकित त्रिपाठी पुत्र अनिल त्रिपाठी सहित उसके सहयोगी बहराइच के ब्राह्मणी पुरवा व नव्वागढ़ी निवासी दो लोगों को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से मूर्ति बरामद की गई थी। इसका मुकदमा अब भी विचाराधीन है। इस घटना के बाद मूर्तियों की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरा लगाया गया था। चोरों द्वारा कैमरे का तार काट दिए जाने के कारण अंदर के दो कैमरे तो बंद हो गए लेकिन बाहर के दो कैमरे अब भी चालू हैं। इनमें चोरों की तस्वीरें कैद हैं। इसके आधार पर पुलिस घटना की तहकीकात में जुट गई है।