श्रावस्ती। खलीलाबाद, डुमरियागंज, उतरौला, बलरामपुर श्रावस्ती से बहराइच नई रेल लाईन बिछाने के लिए दो वर्ष पूर्व शिलान्यास किया गया था। इसके दो वर्ष बाद भी रेल लाइन बिछाने के लिए कोई कार्य प्रारंभ नहीं हुआ। श्रावस्ती को रेल से जोड़ो संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंच कर प्रशासनिक अधिकारी को प्रधानमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। प्रशासनिक अधिकारी ओम प्रकाश श्रीवास्तव को सौंपे ज्ञापन में श्रावस्ती को रेल से जोड़ो संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा है कि बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर नेपाल सीमावर्ती जिला है, जिसमें श्रावस्ती रेल सेवा से अभी तक पूर्णतया वंचित है।
बताया कि दो मार्च 2019 को खलीलाबाद के जूनियर हाईस्कूल के मैदान में खलीलाबाद बहराइच नये रेल मार्ग के शिलान्यास के लिए मंडल रेल प्रबंधक पूर्वोत्तर रेलवे की ओर से भव्य कार्यक्रम हुआ। तब रेलमंत्री पीयूष गोयल ने घोषणा की थी कि खलीलाबाद-बहराइच रेल परियोजना वर्ष 2025 में पूरी होगी। करीब 240 किलोमीटर लंबी इस रेल लाईन का विद्युतीकरण के साथ इस रेल लाईन पर 11 समपार फाटक, 132 अंडरपास, खलीलाबाद, झारखंडी, बलरामपुर व बहराइच रेलवे स्टेशन जंक्शन सहित 28 स्टेशन बनाने की घोषणा हुई थी।
साथ ही 16 क्रासिंग स्टेशन व 12 हाल्ट स्टेशन की घोषणा की गई थी। जिसका कार्य अब तक प्रारंभ नहीं हो सका है। संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप कर स्वीकृत खलीलाबाद बहराइच 240 किलोमीटर नई रेललाईन का निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ कराने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में पंकज देव मिश्र, राकेश गुप्ता, राजेश रस्तोगी, अरविंद गुप्ता, ज्ञान सागर सिंह, प्रमोद कुमार गुप्ता, उदय प्रकाश त्रिपाठी मौजूद रहे।