श्रावस्ती। छुक छुक गाड़ी की आवाज सुनने का सपना फिलहाल जल्दी पूरा होता नजर नहीं आ रहा। खलीलाबाद बहराइच बाया श्रावस्ती रेल लाईन बिछाने में कायम अड़ंगे के कारण क्षेत्र में रेलगाड़ी की यात्रा को अभी और इंतजार करना होगा। इस परियोजना से जुड़े कार्य खलीलाबाद सहित तीन जिलों में भूमि अधिगृहण तक ही सिमटे हैं।
खलीलाबाद बहराइच बाया श्रावस्ती रेलवे लाइन बिछाने की घोषणा के बाद श्रावस्ती के लोगों का दशकों से अधूरा पड़ा रेल गाड़ी की सैर का सपना जल्द ही पूरा होने की उम्मीद जगी थी। 2025 में बन कर तैयार होने वाली रेलवे लाइन का काम 2022 तक भी गति नहीं पकड़ पाया है। सुस्त रफ्तारी के चलते ही श्रावस्ती सहित बहराइच व बलरामपुर में इस परियोजना में अभी तक कोई काम ही नहीं शुरू हो पाया है। कुछ दिन पहले इस पर सेटेलाइट सर्वे कराया गया था। सर्वे के बाद एक नक्शा भी तैयार हुआ। इसके सत्यापन व उसे जमीनी रूप से रेखांकित करने के लिए जिले में भेजा भी गया लेकिन कई मूलभूत कमियों के कारण जिला प्रशासन ने इस नक्शे को कई आपत्तियों के साथ गोरखपुर रेलवे प्रशासन को वापस कर दिया। इसके बाद से रेलवे ने अभी तक उजागर खामियां दूर कर नक्शा वापस जिला प्रशासन को नहीं भेजा है। इसी कारण इस परियोजना से जुड़ा जमीन अधिग्रहण का कार्य अटका पड़ा है।
इस परियोजना के तहत पूर्वोत्तर रेलवे संत कबीर से जुड़ी कार्ययोजना में ही नगर जिला प्रशासन ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की है। प्रथम चरण में यहां 25 चिन्हित गांवों की 66.86 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत करने की अधिसूचना जारी की गयी है। सिद्धार्थनगर में भी भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू हो गयी है। योजना के प्रथम चरण में खेसरहा, बांसी, डुमरियागंज, उतरौला में भूमि का अधिग्रहण हो रहा है। बांसी तहसील में भी 93 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण हो रहा है।
कैसे पूरा होगा 2025 तक का लक्ष्य
खलीलाबाद से शुरू होकर मेंहदावल, डुमरियागंज, उतरौला, श्रावस्ती, भिनगा और बहराइच तक 240 किमी लंबी रेल लाइन बिछाने का कार्य वर्ष 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए केंद्र सरकार की तरफ सेे अक्टूबर 2018 में अधिसूचना जारी की गयी थी। श्रावस्ती बहराइच व बलरामपुर के अधिकांश हिस्सों में इस कार्य योजना से जुड़ी भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई अभी तक शुरू न हो पाने के कारण ही इस परियोजना के तय समय में पूरा हो पाने पर सवाल उठने लगे हैं।