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बूंदाबांदी के बीच और लुढ़का पारा, ठंड से कांपे लोग

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श्रावस्ती के भिनगा स्थित संयुक्त जिला चिकित्सालय में अलाव तापते तीमारदार - फोटो : SRAWASTI
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श्रावस्ती। तराई में विगत कई दिनों से शीतलहर का प्रकोप जारी है। नेपाल के पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी से ठिठुरन काफी बढ़ गई है। इस बीच बृहस्पतिवार सुबह हुई बूंदाबांदी से मौसम का पारा और लुढ़क गया है। गरीबों को ठंड से बचाने के लिए प्रशासन की ओर से किए जा रहे इंतजाम नकाफी साबित हो रहे हैं।
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तराई में ऐसी मान्यता रही है कि आधे माघे कंबल कांधे अर्थात माघ मास के प्रथम पखवारे के बाद ठंड का प्रकोप इतना कम हो जाता है कि लोग कंबल को न ओढ़ कर उसे कंधे पर रख लेते हैं। लेकिन इस बार ऐसा कुछ नहीं है। जिले में विगत एक सप्ताह से शीतलहर का प्रकोप जारी है। कानपुर व गोरखपुर क्षेत्र में हुई ओलावृष्टि व नेपाल के पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के कारण जिले में ठिठुरन काफी बढ़ी हुई है। ऐसे में गुरुवार सुबह हुई बूंदाबांदी से ठंड और बढ़ गई है। ठंड का यह आलम है कि लोग गर्म कपड़ों में भी ठंड से कंपकंपा रहे हैं। जिससे बचने के लिए लोगों को घरों में ब्लोवर व रूम हीटर सहित अलाव आदि का सहारा लेना पड़ रहा है।
जिले में पड़ रही भीषण ठंड से इंसान ही नहीं पशु पक्षी भी बेहाल हैं। प्रशासन की ओर से अभी कंबल वितरण का कार्य पूरा नहीं कराया जा सका है। ऐसे में माघ मास की बदली व सर्द रात गरीबों पर भारी पड़ रही है। चाहे तहसील हो, न्यायालय हो अथवा कार्यालय यहां मौजूद कर्मचारी व फरियादी मामलों की पैरवी छोड़ खुद को ठंड से बचाने की जुगत करते नजर आ रहे हैं। गुरुवार को जिले का तापमान 4.5 डिग्री सेल्सियस रहा। ऐसे में लोग सर्दी, जुकाम व बुखार की चपेट में आ रहे हैं। देखा जाए तो अस्पताल आने वाला हर दूसरा व्यक्ति सर्दी जुकाम, बुखार, पेटदर्द से पीड़ित देख जा रहा है। वहीं मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एपी भार्गव ने लोगों को विशेष कर बुजुर्ग व बच्चों को ठंड से बचाए रखने की अपील की है।
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