श्रावस्ती के भिनगा स्थित कलेक्ट्रेट में एडीएम को ज्ञापन सौंपते श्रावस्ती को रेल से जोड़ो संघर्ष
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श्रावस्ती। जिला स्थापना के 23 वर्ष बाद भी जिले में परिवहन निगम डिपो की स्थापना नहीं हो सकी है। इसके लिए अधिग्रहीत भूमि पर फसल लहलहा रही है। जबकि कुछ हिस्से में बने बस अड्डे के सहारे इसका संचालन हो रहा है। ऐसे में बुधवार को श्रावस्ती को रेल से जोड़ों संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट पहुंच कर मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन एडीएम को सौंपा।
अपर जिलाधिकारी कमलेश चंद्र को सौंपे ज्ञापन में श्रावस्ती को रेल से जोड़ों संघर्ष समिति के संस्थापक व संयोजक पंकज मिश्र ने कहा है कि श्रावस्ती बौद्ध तपोस्थली होने के साथ ही यह भगवान संभवना की जन्म स्थली भी है। नेपाल सीमा से सटे इस जिले में अब तक रोडवेज बस डिपो की स्थापना नहीं कराई गई है। जबकि इसके लिए 25 बीघा भूमि अधिग्रहीत किया गया था। जहां बस अड्डा बना कर काम चलाया जा रहा है। जिला स्थापना के साथ ही यहां परिवहन निगम डिपो स्थापना की मांग हो रही है। जिसे देखते हुए कई बार 50 से अधिक बसों का संचालन प्रारंभ कराया गया था। जिसे बहराइच, बलरामपुर व गोंडा डिपो के सहारे संचालित कराया जा रहा है।
जिले के ग्रामीण अंचल रोडवेज बस सेवा से पूरी तरह वंचित हैं। जिला मुख्यालय भिनगा से तहसील व ब्लॉक मुख्यालय तक निगम की बसों का संचालन नहीं हो रहा है। न ही यहां से महानगरों के लिए कोई बस सेवा ही नियमित संचालित हो रही है। जिससे व्यापारियों, किसानों, नौजवानों, छात्रों व सीमा पर तैनात एसएसबी के जवानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यदि भिनगा में डिपो की स्थापना नहीं हुई तो श्रावस्ती को रेल से जोड़ो संघर्ष समिति के पदाधिकारी रोडवेज बस डिपो स्थापना की मांग को लेकर लखनऊ में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन अथवा मुख्यमंत्री आवास पहुंच कर उपवास करेंगे। ज्ञापन देने वालों में राजेश कुमार गुप्ता, अभिमन्यु कुमार पाठक, विश्वनाथ ओझा, पदुमनारायण पांडे, संतोष कुमार वर्मा, अरविंद गुप्ता आदि शामिल रहे।