श्रावस्ती। मारपीट के साथ दुष्कर्म का प्रयास करने के एक आरोपी को 14 साल बाद कोर्ट ने दोषमुक्त करार देते हुए बरी करने का आदेश दिया है। एससी एसटी कोर्ट के विशेष जज उमेश कुमार की कोर्ट ने साक्ष्य व गवाहों के अभाव में 14 साल बाद आरोपी राम जियावन को दोषमुक्त करार दिया।
दोषमुक्त हुए आरोपी के अधिवक्ता सतीश कुमार मौर्या ने बताया कि इस मामले में सिरसिया थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने 14 साल पहले थाना क्षेत्र के पड़वलिया निवासी राम जियावन व दो अन्य लोगों के खिलाफ थाने में तहरीर दी थी। इसमें आरोप लगाया था कि तीन अक्टूबर 2008 की रात करीब एक बजे जब वह घर में अकेली थी तभी राम जियावन अपने दो सहयोगियों के साथ पीड़िता के घर में दबरन घुसकर उसके साथ दुष्कर्म की नियत से जबरदस्ती का प्रयास करने लगा।
पीड़िता के शोर मचाने पर आरोपी उसकी पिटाई करने के बाद जातिसूचक गाली देते हुए घर में रखे जेवर व नकदी लेकर फरार हो गया। इस मामले में पुलिस ने रामजियावन के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया था। इसका विचारण स्पेशल जज एससी एसटी कोर्ट ने करते हुए आरोपी रामजियावन को दोषमुक्त करार दिया।