श्रावस्ती। इंडो नेपाल सीमा की सुरक्षा को लेकर एसएसबी द्वारा एक नई रणनीति तैयार की गई है। इसके तहत एसएसबी के जवान जिले की सीमा क्षेत्र में लगातार पैदल गश्त करेंगे। जिसकी शुरुआत सोमवार को डी कंपनी ककरदरी से हुई। जहां से जवान 59 किलोमीटर की दूरी तय कर गंभीर नाका सीमा चौकी तक पैदल गश्त करेंगे।
नेपाल के रास्ते राष्ट्र विरोधी तत्व जिले की सीमा में प्रवेश न कर सकें। इसके लिए सीमा की सुरक्षा व्यवस्था को और चाक चौबंद बनाया जा रहा है। जमुनहा के डी कंपनी ककरदरी से गंभीर नाका सीमा चौकी तक एसएसबी के जवान पैदल गश्त करेंगे। ककरदरी के पिलर संख्या 641 से गंभीर नाका चौकी के पिलर संख्या 616 तक की दूरी 59 किलोमीटर है। जिसे एसएसबी के जवान पांच दिन में पैदल पूरी करेंगे। इसकी शुरुआत सोमवार को सशस्त्र सीमा बल 62वीं वाहिनी भिनगा के द्वितीय कमान अधिकारी रवींद्र कुमार राजेश्वरी ने डीकंपनी ककरदरी के पिलर संख्या 641 पर पहुंच कर किया। इस दौरान कमान अधिकारी ने कहा कि हमारे जवान सीमा क्षेत्र की सुरक्षा के साथ ही सीमा क्षेत्र पर बसे गांवों के लोगों से समन्वय भी स्थापित कर रहे हैं।
एसएसबी की ओर से शुरू की गई एलआरपी का मुख्य उदेश्य सभी समवाय व सीमा चौकियों सहित क्षेत्र के सीमा स्तंभों की जांच करना व क्षेत्र का आकलन करना है। इसके साथ ही हमारे जवान सीमावर्ती गांवों के लोगों के दिलों में सुरक्षा की भावना भी जागृत करेंगे। सोमवार से शुरू हुए इस एलआरपी में शामिल एसएसबी के जवान 59 किलोमीटर की दूरी तय कर नौ अक्तूबर को गंभीर नाका सीमा चौकी के सीमा स्तंभ संख्या 616 पहुंचेंगे। यह प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी। इस दौरान निरीक्षक सामान्य प्रदीप कुमार मौर्य, उप निरीक्षक सामान्य बाबू साहेब सिंह व नंदराम सहित कई अन्य एसएसबी के जवान मौजूद रहे।