शामली। शामली राइफल क्लब परिसर में आयोजित योग प्रशिक्षण शिविर के 20वें दिन योग साधकों को प्राणायाम का अभ्यास कराया गया। शिविर में प्रोफेसर अजय बाबू शर्मा ने कहा कि योग एक विज्ञान है और जीवन जीने की विधि है।
शुक्रवार को आयोजित योग शिविर के शुभारंभ अवसर पर प्रो. अजय बाबू ने कहा कि योग एक व्यवस्थित नियम को प्रतिपादित करता है और शरीर को अनुशासित ढंग से रखता है। मन को उद्देश्यपूर्ण दिशा में चलने का बोध देता रहता है। योग एक प्रयोग भी है, क्योंकि यही मनुष्य को प्रकृति के अनुकूल चलने के लिए प्रेरित करता है। यह आत्मा का विषय है, जो स्वानुभूति कराता है। मानव के विचारों को एकाग्र कर भौतिक से सूक्ष्म, सूक्ष्म से अति सूक्ष्म तक ले जाकर आत्मीय- बोध कराता है। एकमात्र योग ही ऐसी क्रिया है जो मन को वश में करने का मार्ग बताती है।
योग प्रशिक्षक मनोज गोस्वामी ने सूक्ष्म यौगिक क्रियाओं के बाद प्राणायाम का अभ्यास कराया। प्राणायाम के बारे में समझाते हुए बताया कि प्राणायाम करते समय अपनी गर्दन, रीढ़, छाती और कमर को सीधा रखें। श्वास सदा नासिका से ही लेना चाहिए, इससे श्वास फिल्टर होकर अंदर जाता है। प्राणायाम करने वाले व्यक्ति को अपने आहार-विहार, आचार-विचार पर विशेष ध्यान रखना चाहिए।
योग शिविर में क्रीड़ा भारती विभाग संयोजक मुकेश चौधरी, जिला मंत्री कमलवीर सिंह, डॉ. रुचिता ढाका प्रधानाचार्या, सुधीर राणा प्रधानाचार्य, गौरव खैवाल, सत्यपाल सिंह, नेहा सिंह, अक्षरा जागलान, अवंतिका आर्या, सविता, सुनीता, बीना खैवाल आदि मौजूद रहे।