शामली में पहाड़ों पर बारिश होने के बाद यमुना एक बार फिर उफन गई है। शुक्रवार सुबह एक लाख 39 हजार क्यूसेक पानी छोड़ दिए जाने से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।पिछले सवा माह से यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। सुबह सात बजे हथनीकुंड- ताजे वाला से 34 हजार 196 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। तीन घंटे बाद यमुना में सुबह दस बजे 40 हजार 759 क्यूसेक पानी छोड़ दिए जाने के बाद जलस्तर बढ़ने लगा। बुधवार यमुना में दोपहर 12 बजे से जलस्तर बढ़ने लगा था।
दोपहर 12 बजे तक यमुना में 27 हजार क्यूसेक, दो बजे 39 हजार क्यूसेक, दोपहर तीन बजे 41 हजार 54 क्यूसेक पानी और बृहस्पतिवार दोपहर एक बजे हथनीकुंड से 41 हजार क्यूसेक पानी छोड़ दिए जाने से कैराना में यमुना का जलस्तर 229.90 मीटर पहुंच गया।
शुक्रवार सुबह नौ बजे हथनीकुंड ताजेवाला बैराज से यमुना में एक लाख 39 हजार 88 क्यूसेक पानी छोड़ दिए जाने के बाद यमुना का जलस्तर बढ़ने लगा था। जहां कैराना में यमुना का जलस्तर 230 मीटर रिकार्ड किया गया। दोपहर 12 बजे 230.10 मीटर, दोपहर दो बजे 230.10 मीटर, साढे़ तीन बजे 230.15 मीटर रिकार्ड दर्ज किया गया है।
कैराना यमुना पुल पर तैनात केंद्रीय जल आयोग के पर्यवेक्षक अजयपाल सिंह ने बताया कि यमुना में छोड़े खपानी बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। बताया कि 24 घंटे में यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच जाएगा। हथनी कुंड से छोड़ा गया पानी शामली जिले में शनिवार मध्य रात्रि के बाद पहुंचना शुरू हो जाएगा। यमुना में छोड़ पानी से बागपत, गाजियाबाद, और दिल्ली की ओर बाढ़ का खतरा बढ़ रहा है।