बुलंदशहर में एनएच 91 पर हुए गैंगरेप प्रकरण को लेकर भाजपाइयों ने पूर्व सांसद रमेश चंद तोमर के नेतृत्व में कलक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन किया। पूर्व सांसद ने कहा कि गैंगरेप प्रकरण बर्बर जंगलराज को बयां करता है। आमजन त्रस्त है, बहु बेटियों की इज्जत सुरक्षित नहीं है। इसके बावजूद सपा के मंत्री इस मामले को राजनीतिक साजिश कहकर आरोपियों को लाभ पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।
गाजियाबाद के पूर्व सांसद डॉक्टर रमेश चंद तोमर के नेतृत्व में बृहस्पतिवार को भाजपाई कलक्ट्रेट में इकट्ठा हुए। उन्होंने बहू बेटी के सम्मान में, भाजपा मैदान में, के नारे लगाए गए। उन्होंने कहा कि जब से प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार आई है, तब से अपराध लगातार बढ़े हैं। खासकर महिलाओं के खिलाफ ज्यादा अपराध हो रहे हैं, जिससे लोगों का घर से बाहर निकलना दुश्वार हो गया है। जिलाध्यक्ष पवन तरार ने कहा कि बुलंदशहर गैंगरेप कांड के आरोपियों के नाम का खुलासे में पुलिस द्वारा देरी करना भी प्रदेश सरकार की दूषित मानसिकता को दर्शाता है। करीब दो घंटे धरना प्रदर्शन के बाद भाजपाइयों ने एडीएम भरत पांडेय को राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपा। जिसमें कहा गया कि प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने के बाद दुष्कर्म के मामलों में जबरदस्त इजाफा हुआ।
2012 में 1963, 2013 में 3050, 2014 में 3467 घटनाएं हुई। महिलाओं से छेड़छाड़ और अन्य उत्पीड़न की घटनाएं हर साल दो गुना होती गई। जबकि अपराध के बढ़ते ग्राफ को रोकने के लिए पुलिस ने अनगिनत मामलों की रिपोर्ट ही दर्ज नहीं की। ज्ञापन में मांग की गई है कि बुलंदशहर गैंगरेप कांड की सीबीआई जांच कराई जाए। क्योंकि सरकार इसे साजिश करार दे रही है। ऐसे में इसकी जांच किसी निष्पक्ष जांच एजेंसी से होनी जरूरी है। हाईवे पेट्रोलिंग को बढ़ावा दिया जाए। कंट्रोल रूम के 100 नंबर सहित सूचना की तकनीकी जो व्यवस्थाएं उन पर सजगता बरती जाए। अपराधों का सही पंजीकरण हो तथा अपराधियों पर जाति और मजहब से हटकर कठोर कार्रवाई कराई जाए। इस दौरान हरवीर मलिक, डॉक्टर प्रियंवदा तोमर, डॉक्टर धनपाल सिंह, जिला पंचायत सदस्य अनुज चौहान, अनिल चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष पति प्रसन्न चौधरी, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रामजीलाल कश्यप, राजकुमार चौहान, अभय तोमर, सतेंद्र धीरयान, पूरणचंद जाटव, रीनू सरोहा, शशि अरोरा, अलका तायल, कविता कश्यप, त्रिलोक चंद, सोनू सरोहा, योगेश शर्मा, मोहित बेनीवाल, अधिवक्ता चंद्रवीर सिंह, सूर्यवीर सिंह आदि मौजूद रहे।