कैराना में खतरे के निशान से ऊपर पहुंचा यमुना का जलस्तर।
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पहाड़ों पर जबरदस्त बारिश के बाद यमुना जिले में खतरे के निशान से आगे निकली गई है। बढ़ते यमुना के जलस्तर को देखते हुए डीएम सहित ड्रेनेज और सिंचाई विभाग के आला अफसरों ने साथ हालात का जायजा लिया। तटबंधों का जायजा लेकर यमुना के जलस्तर पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए।
शुक्रवार मध्य रात्रि पहाड़ों पर बारिश होने के बाद हथनीकुंड-ताजेवाला बैराज से यमुना में एक लाख छह हजार क्यूसेक जबरदस्त पानी आ जाने से सिंचाई
विभाग के अफसरों नींद उड़ गई थी। पिछले 24 घंटों से यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। शुक्रवार को कैराना यमुना का जलस्तर 229.50 मीटर से बढ़कर शनिवार को 229.80 मीटर पानी पहुंच गया था। रविवार रात आठ बजे तक यह जलस्तर 229.90 रिकार्ड किया गया। रविवार-सोमवार की मध्य रात्रि के बाद यमुना का जलस्तर 230.45 मीटर तक पहुंच गया। सोमवार को 230.45 मीटर पर यह जलस्तर स्थिर हो गया है।
कैराना में केंद्रीय जल आयोग के पर्यवेक्षक अजयपाल ने बताया कि मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में यमुना के जलस्तर में बढ़ोत्तरी की चेतावनी दी थी। इसके बावजूद यमुना के जलस्तर में पिछले 24 घंटे में 95 सेमी जलस्तर में बढ़ोत्तरी हुई है। जबकि यमुना खतरे के चेतावनी बिंदू 230 मीटर को पार कर 230.45 मीटर पर सोमवार सुबह आठ बजे से स्थिर है। पहाड़ों पर बारिश थमने के संकेत मिल रहे हैं। सोमवार शाम चार बजे उत्तराखंड के डाकपत्थर से यमुना नदी में मात्र आठ हजार क्यूसेक पानी रह गया है।
डाक पत्थर कंट्रोल रूम से बताया गया कि यमुना व टास नदी में मात्र 22 हजार 813 क्यूसेक पानी रह गया है। हथनीकुंड-ताजेवाला से भी सुबह से 30 हजार क्यूसेक पानी होने की जानकारी है। जिले में बढ़ते हुए यमुना में जलस्तर को देखते हुए डीएम ने यमुना नदी के तटबंधों का दौराकर हालात का जायजा लिया है। डीएम ने बताया कि अभी यमुना के तटबंध सुरक्षित है, अगर यमुना का जलस्तर बढ़ा तो हालात और बिगड़ जाएंगे। वह हालातों पर नजर रखे हुए हैं। चौसाना क्षेत्र के भड़ी मुस्तफाबाद, मंगलौरा, लक्ष्मीपुरा, नांईनगला, पथेड़ रामड़ा मवी मामौर में यमुना किनारे हालात सामान्य हैं।