कैराना के बनखंडी महादेव मंदिर में श्री हरि कथा सुनते श्रद्घालु।
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शामली, कैराना । नगर के प्राचीन सिद्धपीठ बाबा बनखंडी महादेव मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन श्री 1008 परमहंस स्वामी विशुद्धानंद महाराज के शिष्य स्वामी स्वरूपानंद ने कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि मनुष्य से जीवन में जाने अनजाने प्रतिदिन कई पाप होते है। उनका ईश्वर के समक्ष प्रायश्चित करना ही एक मात्र मुक्ति पाने का उपाय है। उन्होंने ईश्वर आराधना के साथ अच्छे कर्म करने का आह्वान किया।
उन्होंने जीवन में सत्संग व शास्त्रों में बताए आदर्शों का श्रवण करने का आह्वान करते हुए कहा कि सत्संग में वह शक्ति है, जो व्यक्ति के जीवन को बदल देती है। व्यक्तियों को अपने जीवन में क्रोध, लोभ, मोह, हिंसा, संग्रह आदि का त्यागकर विवेक के साथ श्रेष्ठ कर्म करने चाहिए।
भागवत कथा के दौरान कपिल चरित्र, सती चरित्र, ध्रुव चरित्र, जड़ भरत चरित्र, नरसिंह अवतार आदि प्रसंगों पर प्रवचन करते हुए कहा कि भगवान के नाम मात्र से ही व्यक्ति भवसागर से पार उतर जाता है। कथा में समिति के अध्यक्ष पंडित स्वराज शर्मा, अनिल मित्तल, अशोक कुमार, अभिषेक गोयल, अंकुर भारद्वाज मौजूद रहे।