शामली। कैराना लोकसभा सीट की यदि बात की जाए तो यहां पर अब तक पांच बार महिलाएं संसद तक का रास्ता तय कर चुकी हैं। इस बार सपा प्रत्याशी इकरा हसन ने भाजपा प्रत्याशी प्रदीप चौधरी को हराकर जीत दर्ज की।
इस सीट की यदि बात की जाए तो इस सीट पर सबसे पहले 1980 में जनता पार्टी की गायत्री देवी ने जीत दर्ज की थी। गायत्री देवी पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की पत्नी थी। इसके बाद वर्ष 2004 में रालोद, सपा गठबधन से अनुराधा चौधरी चुनाव लड़ी और जीत दर्ज की। वर्ष 2009 में हसन परिवार की तबस्सुम हसन ने जीत दर्ज की थी। इसी तरह 2018 के उपचुनाव में भी तबस्सुम हसन ने भाजपा प्रत्याशी मृगांका सिंह को हराकर जीत दर्ज की थी। हालांकि वर्ष 2019 के चुनाव में तबस्सुम हसन को हार का सामना करना पड़ा था। भाजपा प्रत्याशी प्रदीप चौधरी ने उन्हें हरा दिया था। अब वर्ष 2024 में सपा प्रत्याशी इकरा हसन ने भाजपा प्रत्याशी प्रदीप चौधरी को हराया है। संवाद
16 बार चुनाव, एक बार हो चुका उपचुनाव
कैराना लोकसभा सीट वर्ष 1962 में अस्तित्व में आई थी। यहां पर अब तक 16 और एक उपचुनाव हो चुका है। इस सीट पर सबसे पहले वर्ष 1962 में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में यशपाल सिंह ने जीत दर्ज की थी। उन्होंने 134581 मत प्राप्त किए थे। इस सीट पर भाजपा तीन, कांग्रेस दो और सपा अकेले दो जबकि गठबंधन के साथ भी चुनाव लड़कर दो बार जीत दर्ज कर चुकी है। यानी इस सीट पर अब तक 17 चुनाव चुनाव हुए जिनमें से पांच बार महिलाएं जबकि 12 बार पुरुष सांसद चुने गए हैं।