शामली गांव जाफरपुर में ज्योत बत्ती बनातीं महिला समूह की सदस्य।
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शामली। ग्रामीण महिलाएं अब केवल चूल्हा-चौका तक ही सीमित नहीं हैं। वे गांव में रहते हुए भी आजीविका कमा रही हैं और गृहिणी का धर्म निभाते हुए घर की आर्थिक स्थिति को बेहतर बना रही हैं। जनपद में करीब 40 हजार महिलाएं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत संचालित स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर परिवार का खर्च चलाने में पुरुषों की मदद कर रहीं हैं। इन महिलाओं ने स्कूली बच्चों की यूनिफार्म से लेकर कोरोना काल में मास्क भी तैयार तैयार किए और त्योहारी सीजन में देवी-देवताओं की प्रतिमा के लिए कपड़े तैयार करने का काम कर रही हैं। इसके साथ ही रुई से जोत-बत्ती बनाने, फूलों की खेती, अचार, मुरब्बा, पापड़ बनाकर परिवार की आमदनी बढ़ा रही हैं। और तो और समूह से जुड़ी महिलाओं ने कोटेदार बनकर राशन वितरण और बिजली बिल वसूली का काम भी शुरू कर दिया है।
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रुई की बत्ती से ‘रोशन’ हुआ बबली का घर
शामली। थानाभवन ब्लाक के जाफरपुुर गांव में लक्ष्मी समूह की बबली ने जमीन ठेके में लेकर 1509 धान लगाया था। करनाल में धान बेचकर छह हजार रुपये का मुनाफा कमाया है। समूह के माध्यम से रुई की बत्ती तैैयार करके अपने परिवार का पालन-पोषण कर रही है। बबली बताती हैं कि एक माह से रुई से बत्ती बनाने काम कर रही हैं। 80 रुपये में ज्योत बत्ती तैयार करके 130 रुपये में देवबंद में बेचती हैं। देवबंद का किराया ज्यादा होने की वजह से थानाभवन, तीतरो, गढीपुख्ता में भी छोटे दुकानदारों से बात कर रही हैं। यहां सप्लाई शुरू हो गई तो त्योहारी सीजन में अच्छा मुनाफा मिलेगा।
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राशन वितरण से ममता ने कमाए 5600 रुपये
शामली। थानाभवन ब्लाक के कैल शिकारपुर गांव की सरस्वती महिला समूह से जुड़ीं ममता बताती हैं कि गांव में उन्हें सस्ते गल्ले की दुकान आवंटित हुई है। एक माह में 90 क्विंटल खाद्यान्न वितरण करके 5600 रुपये का लाभांश कमाया है। परिवार में पति की मजदूरी कभी मिलती है, कभी नहीं। समूह से जुड़कर आत्मनिर्भर बनी हैं। गांव याहियापुर की चांदनी भी राशन वितरण कर रहीं हैं। उन्होंने बताया कि लाभांश से उनके परिवार की आय बढ़ी है।
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बिजली के बिल की वसूली कर रहीं रूबी
साईं बाबा समूह के माध्यम से जुड़ी मंटी हसनपुर गांव की रुबी देवी पिछले तीन माह से ग्रामीणों से बिजली के बिल की वसूली कर जमा कर रही हैं। तीन माह में 38 हजार रुपये बिजली बिल पावर कारपोरेशन को जमा कर चुकी हैं। पावर कारपोरेशन से एक बिल पर बीस रुपये कमीशन समूह की महिलाओं को दिए जाने की बात कही है। रूबी ने पति के साथ दस बीघा भूमि ठेके पर लेकर धान की फसल भी उगाई है।