शामली। श्री इंद्र ध्वज महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ में आज नौवें दिन उत्तम अकिंचन धर्म का महत्व बताते हुए जैन आचार्य ज्ञान भूषण जी महाराज ने कहा प्रत्येक जीव को करुणा दया रखनी चाहिए। दान के बिना पूजा व्यर्थ है। मनुष्य में दान की भावना होनी चाहिए।
शनिवार को कैराना रोड पर फव्वारा चौक पर हाथी मैदान में श्री इंद्र ध्वज महा मंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ में मध्य प्रदेश छिंदवाड़ा से आए विधानाचार्य शरद चंद बनारसी इंद्र और इंद्राणियों को विधान विधान से पूजा - अर्चना कराई। शांति धारा की उत्तम अकिंचन धर्म की पूजा की। इस मौके पर जैन आचार्य ज्ञान भूषण जी महाराज ने कहा मनुष्य में दान की भावना होनी चाहिए, जो मंदिर में दान देते हैं। वह प्रभावना होती है। जीवों के उद्धार के लिए दान देते हैं।
जिस भाव से हम कोई कार्य करते हैं, वैसा ही फल प्राप्त होता है। शिखर की वंदना करने के लिए मंदिर में शुद्धता से जाना चाहिए। मनुष्य में क्षमा और विनम्रता होनी चाहिए। जीव को माया - लोभ, धर्म से दूर रहना चाहिए। इसमें सुशील जैन, राजीव जैन, प्रवीण जैन, शिखर चंद जैन, मयंक जैन, विनोद जैन, मोहित जैन, दिनेश चंद, अचल जैन, अशोक जैन, संतोष जैन, जिनेंद्र जैन, एडवोकेट सचिन आदि रहे।
उधर, दशलक्षण पर्व के उपलक्ष्य में इंद्र ध्वज महामंडल विधान विश्व शांति महायज्ञ में कौन बनेगा ज्ञानवान प्रतियोगिता का आयोजन किया। इसमें प्रथम पुरस्कार मनोज जैन , द्वितीय पुरस्कार कमलेश जैन और रमेश चंद जैन, तृतीय पुरस्कार मुनीश जैन, कौशल्या जैन और उर्मिला जैन को दिया। शनिवार को हाथी खाना मैदान में जैन सोशल सर्विस के तत्वावधान में कौन बनेगा ज्ञानवान प्रतियोगिता का आयोजन किया। जैन मुनि ज्ञान भूषण जी महाराज के सानिध्य में मंच का उद्घाटन सुभाष चंद जैन और वैभव जैन ने किया। बतौर मुख्य अतिथि संजीव जैन और वर्धन जैन रहे।
कौन बनेगा ज्ञानवान प्रतियोगिता में सवाल पूछे। दस सामान्य पुरस्कार निकिता जैन, मुकेश जैन, वैशाली जैन, अनीता जैन, संजू, अंजू विजेता जैन, विवेक जैन, संतोष जैन को सांत्वना पुरस्कार दिए। इसके आयोजन में प्रवीण जैन, कमल जैन, रवि जैन, मनोज जैन का सहयोग रहा।