शामली। चुनावी समर में आधी आबादी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। राजनीतिक दल महिलाओं के लिए कई तरह की घोषणा कर रहे हैं। तरह-तरह के वादे किए जा रहे हैं। महिलाएं भी इन वादों को जिले की महिलाओं ने भी सुरक्षा, महंगाई समेत अन्य मुद्दे पार्टियों के सामने रख रही हैं। इन चुनावों में क्या हैं महिलाओं के मुद्दे आइए जानते हैं...
सबसे बड़ा विषय कानून व्यवस्था का है। पुलिसिया मानसिकता में बड़ा बदलाव होना चाहिए। पीड़ित महिलाओं की तत्काल सुनवाई होनी चाहिए। महंगाई और सुरक्षा महिलाओं के लिए सबसे बड़ा मुद्दा है। महिला की शिक्षा, रोजगार की दिशा में बहुत काम होना बाकी है। चुनाव में पार्टियां कहती कुछ हैं और सरकार आने के बाद करती कुछ और हैं। यह कथनी और करनी का अंतर खत्म होना चाहिए। - कविता संगल, मिल रोड
उप्र में टिकाऊ और पूर्ण बहुमत वाली सरकार आनी चाहिए। वर्तमान में महंगाई है, मगर गुंडागर्दी और महिलाओं के साथ छेड़छाड़ जैसे अपराधों पर लगाम है। महिला हितों की बात करने वाली पार्टी को ही वोट दिया जाएगा। इसके अलावा महिलाओं को रोजगार और सरकारी नौकरियों सहित निजी कंपनियों में हिस्सेदारी तय करने वाला कानून लाने की बात जो पार्टी करेगी, उसी को वोट जाएगा। - अश्मि वशिष्ठ, साकेत कॉलोनी
चुनाव के पश्चात आने वाली सरकार को महिलाओं के लिए विशेष ध्यान दिया जाने चाहिए, जिसमें उन्हें महिला सशक्तीकरण के साथ सुरक्षा प्रदान करना अति आवश्यक है। गरीबी रेखा से नीचे गुजर बसर करने वाली जिसमें मुख्यत: किसी रूप से पीड़ित महिला की शिक्षा एवं योग्यता अनुसार रोजगार की व्यवस्था करनी चाहिए। - गीतांजलि शर्मा, काका नगर
देश में महिला सशक्तीकरण की बातें बहुत की जाती हैं पर कार्य नहीं किए जाते। महिलाओं को सिर्फ वोट के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। सरकार द्वारा महिलाओं के लिए संचालित योजनाओं का लाभ उस महिला को मिल रहा है, जिसको मिलना नहीं चाहिए। महिला उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहती है। सरकार को इस दिशा में काम करना चाहिए। - चेताली अग्रवाल, पंजाबी कॉलोनी
जनकल्याणकारी सरकार होनी चाहिए। महिलाओं के साथ ही युवतियों को रोजगार मिलने चाहिए। विधवा और तलाकशुदा के लिए रोजगार में आरक्षण होना चाहिए। राजनीति में आधी आबादी की पूरी भागीदारी होनी चाहिए। ग्रामीण परिवेश की महिलाओं को चौका-चूल्हे में ही न झोंका जाए। उनको रोजगार के अवसर ग्राम स्तर पर मिलने चाहिए। सरकारी ऐसी योजनाओं का संचालन करने वाली हो, जो महिलाओं के लिए हर ग्राम पंचायत स्तर पर कोई रोजगार प्रोजेक्ट लांच करे। - ईशा गोयल, गगन विहार
गीतांजलि शर्मा।- फोटो : SHAMLI
अश्मि वशिष्ठ।- फोटो : SHAMLI
कविता संगल।- फोटो : SHAMLI
ईशा गोयल।- फोटो : SHAMLI