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सरकारी क्रय केंद्रों पर बढ़ी गेहूं की खरीद

Sun, 16 Apr 2017 12:26 AM IST
शामली, अमर उजाला ब्यूरो
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Wheat - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। इस बार सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद पिछले सालों के अपेक्षा बढ़ गई है। गेहूं खरीद केंद्र खुलने के 15 दिन के भीतर 2594 क्विंटल गेहूं की खरीद हो चुकी है, जबकि बीते साल इस दौरान महज 152 क्विंटल गेहूं ही खरीदा जा सका था। 
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जनपद में सरकार की तरफ से गेहूं खरीद के लिए 21 क्रय केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें खाद्य विभाग के चार, पीसीएफ के 16 और एफसीआई का एक केंद्र खोला गया है। जिले को एक लाख 92 हजार क्विंटल गेहूं खरीदने का लक्ष्य मिला है। सरकार ने गेहूं का निर्धारित मूल्य 1625 रुपये तथा 10 रुपये प्रति क्विंटल का ट्रांसपोर्ट निर्धारित किया गया है।

एक अप्रैल से इन केंद्रों पर गेहूं की खरीद शुरू कराई गई। अब तक 15 दिन के भीतर ही 2594 क्विंटल गेहूं की खरीद हो चुकी है। वहीं, बीते वर्षों की बात करें, तो 2016-17 में एक से 14 अप्रैल तक समस्त खरीद केंद्रों पर गेहूं खरीद शून्य रही थी, जबकि 15 अप्रैल को 152 क्विंटल गेहूं खरीदा जा सका था। सालभर के लक्ष्य के अनुपात में सिर्फ 41,697 क्विंटल गेहूं खरीदा गया था। 
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इस बार शुरुआती दौर में जिस तरह से सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद हो रही है, उससे अनुमान है कि इस बार गेहूं खरीद के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। क्योंकि अभी जून माह तक गेहूं की खरीद होनी है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी निहारिका सिंह का कहना है कि सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद और बढ़ाई जाएगी। उसके लिए क्रय केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिया गया है कि किसानों को प्रेरित करें तथा क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीदने आने वाले किसानों की सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जाए। 

 गेहूं खरीद की स्थिति 
गेहूं खरीद केंद्र    लक्ष्य        अब तक हुई खरीद  
खाद्य विभाग (चार केंद्र)    50000 क्विंटल    1504.5 क्विंटल 
पीसीएफ (16 केंद्र)    102000 क्विंटल    993 क्विंटल 
एफसीआई (एक केंद्र)    40000 क्विंटल    96.5 क्विटंल

अस्वीकृत गेहूं का मानक तय करेगी कमेटी 
सरकारी क्रय केंद्रों पर यदि किसी किसान का गेहूं मानक के अनुरूप न होने पर अस्वीकृत कर दिया जाता है, तो उसके संबंध में कमेटी फैसला करेगी। जिलाधिकारी ने उस कमेटी का गठन कर दिया है। जिस किसान का गेहूं अस्वीकृत किया जाएगा, उस किसान का नाम, पता, मोबाइल नंबर और गेहूं का नमूना सुरक्षित रखा जाएगा। इसके बाद जिला खाद्य विपणन अधिकारी, गेहूं खरीदने वाली संबंधित एजेंसी का अधिकारी, क्रय केंद्र प्रभारी, कृषक (जिसका गेहूं अस्वीकृत किया गया है), मंडी  सचिव (यदि मंडी में खरीद केंद्र    पर गेहूं अस्वीकृत किया गया) और दो प्रगतिशील किसान जिनमें ज्ञानेश्वर शर्मा निवासी मंदौडा और गुरलाल निवासी युसुफपुर चौतरा तय करेंगे कि गेहूं मानक के अनुरूप है अथवा नहीं। 
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