52 फीसदी ही हुई है गेहूं की बुवाई
शामली। चीनी मिलों की मनमानी से क्षेत्र के किसान गेहूं की बुवाई में पिछड़ रहे हैं। मिल अपनी क्षमता के अनुसार गन्ना नहीं खरीद पा रही हैं। इससे गन्ने के खेत खाली नहीं हो पा रहे हैं। क्षेत्र में अगेती प्रजाति के गेहूं की 65 फीसदी से ज्यादा बुवाई गन्ने के खेतों को खाली करके ही की जाती है। गेहूं की अगेती फसल को अच्छा माना जाता है। इसमें कम उर्वरक और कीटनाशक की जरूरत होती है और ज्यादा पैदावार होती है। ऐसे में किसान अगेती बुवाई को ही प्राथमिकता देते हैं। जिले में गेहूं का 50606 हेक्टेयर रकबा है। जिसमें में से अभी तक 26 हजार हेक्टेयर में ही गेहूं की बुवाई हो पाई है। गेहूं की बुवाई पिछड़ने से लागत बढ़ेगी और उत्पादन कम होगा। इसकी चिंता किसानों को सता रही है।
ये बोले किसान
भैंसवाल निवासी किसान नमित पंवार ने बताया कि उनकी 90 गन्ना पर्ची हैं। अभी तक 5 पर्ची आई हैं। जिसके चलते 12 बीघा गेंहू की बुवाई हुई है।
हथछौया निवासी कंवरपाल सिंह तोमर ने बताया कि 70 बीघा ईख है। अभी 5 गन्ना पर्ची आई हैं। धान की फसल के बाद खाली हुई भूमि में गेहूं बुवाई की थी। पर्ची कम आने के चलते 10-15 बीघा गेंहू बुवाई लेट हो रही है ।
भैंसवाल किसान सुनील पंवार ने बताया उनेके पास 80 बीघा ईख है। अभी तक केवल 5 पर्ची आई है। अभी तक गेंहू की बुवाई नहीं हुई है।
दुल्ला खेड़ी निवासी किसान मनोज राणा ने बताया 55 बीघा ईख है। अभी तक 6 पर्ची आई है। धान की फसल के बाद 8 बीघे गेहूं की बुवाई हो पाई है। अभी गेहूं की बुवाई और करनी है।
हिरनवाड़ा निवासी किसान शादी राम ठाकुर ने बताया कि उनकी 67 गन्ना पर्ची है अभी तक 5 पर्ची आई हैं। जिसके चलते 2 बीघा गन्ना भी मिल में नहीं डाल पाए हैं।
कैडी निवासी किसान महेशपाल चेयरमैन ने बताया कि 400 के करीब गन्ना पर्ची है अभी तक 24 गन्ना पर्ची आई है। जिसके चलते 8 बीघा गेहूं की बुवाई है करीब 50 बीघा जमीन में गेहूं बोया जाना है। पर्ची न आने के कारण गेहूं की बुवाई लेट हो रही है।
वर्जन
शामली सहकारी गन्ना समिति सचिव मुकेश राठी का कहना है कि 25 नवंबर को तीनों चीनी मिलों का एक सप्ताह का इंडेंट जारी किया गया था। साइट में कुछ दिक्कत सामने आ रही है। एक-दो दिन में पर्चियों का रोटेशन ठीक हो जाएगा। चीनी मिलें भी 48 घंटे में तौल का डाटा अपडेट करें तो किसानों को परेशानी नहीं होगी।
गांव भैंसवाल निवासी किसान सुनील पंवार।- फोटो : SHAMLI
हथछौया गांव निवासी किसान कंवरपाल सिंह तोमर- फोटो : SHAMLI
दुल्लाखेड़ी निवासी किसान मनोज राणा।- फोटो : SHAMLI
गांव कैडी निवासी किसान महेशपाल सिंह पुंडीर- फोटो : SHAMLI
गांव हिरनवाडा निवासी किसान शादीराम ठाकुर- फोटो : SHAMLI