शामली। दिल्ली में लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण को कम करने के चलते एक नवंबर से जनपद के 15 हजार वाहन दिल्ली सीमा में नहीं घुस सकेंगे। फैसले से जनपद के वाहन चालकों को बड़ा झटका लगा है।
एआरटीओ रोहित राजपूत ने बताया कि दिल्ली की मुख्यमंत्री ने एक नवंबर से केवल बीएस-6, सीएनजी और इलेक्टि्रक वाहनों की दिल्ली में प्रवेश के आदेश दिए हैं। इस नियम को केवल कमर्शियल वाहनों के लिए लाया गया है। इसके साथ ही दिल्ली में पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को दिल्ली में आने से रोकने के लिए ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन कैमरे लगाए जाएंगे।
-किस कारण लगी वाहनों के प्रवेश पर रोक, किस वाहन के लिए क्या है नियम
राजधानी दिल्ली में हर वर्ष ठंड के मौसम में प्रदूषण की समस्या गंभीर हो जाती है। इसे कम करने के लिए मुख्यमंत्री ने सख्त कदम उठाया है। इस नियम के तहत केवल उन ही गाड़ियों को दिल्ली में प्रवेश होगा, जो बीएस-6, सीएनजी और इलेक्टि्रक वाहन होंगे। इसका सीधा मतलब है कि पुराने डीजल या पेट्रोल वाहन जो ज्यादा प्रदूषण फैलाते हैं, उन्हें दिल्ली में प्रवेश नहीं मिलेगा। यह नियम उन गाड़ियों पर लागू नहीं होगा, जिनका पंजीकरण दिल्ली में हुआ है, लेकिन बाहर से आने वाली गाड़ियों के लिए अनिवार्य होगा।
यह बोले चालक
-गांव कुड़ाना के हरकुमार मलिक गाड़ी से किराये का कार्य करते हैं। कहा कि यह नियम बनने से गाड़ी चालकों को बड़ा नुकसान रहेगा। उनके पास दिल्ली की काफी बुकिंग आती है। नया नियम बनने से उनकों इस वर्ष काफी घाटा रहेगा, केवल लोकल में ही गाड़ी चला पाएंगे। लंबी बुकिंग में अच्छा लाभ होता है, जो अब नहीं मिल पाएगा।
-शहर के अरविंद कुमार का कहना है कि उनके पास घरेलू गाड़ी है, जिस पर यूपी शामली का नंबर है। उनका दिल्ली आना-जाना लगा रहता है। नया नियम बनने से अब उनको किराये की गाड़ी का सहारा लेना पड़ेगा। अपनी गाड़ी में तो वह केवल एक हजार के पेट्रोल से काम चल जाता था, लेकिन किराये की गाड़ी में कम से कम 3500 रुपये देने पड़ेंगे, जिससे उनका काफी नुकसान होगा।