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Shamli News: अवकाश के दिन राजकीय गोदाम से बीज चोरी का प्रयास, तीन पर केस दर्ज

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कांधला। विकास खंड परिसर में स्थित राजकीय कृषि गोदाम में मंगलवार को सरकारी अवकाश के दिन गेहूं के बीज की कालाबाजारी का मामला सामने आया। आरोप है कि विभागीय कर्मचारी सरकारी बोरों से बीज निकालकर निजी प्लास्टिक के कट्टों में भर रहे थे ताकि उसे बाजार में बेचा जा सके।
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मामले की जानकारी मिलते ही ब्लॉक प्रमुख डॉ. विनोद मलिक मौके पर पहुंचे और हंगामा किया। सूचना मिलने पर जिला कृषि अधिकारी प्रदीप कुमार यादव भी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। गोदाम प्रभारी अलताफ अली की तहरीर पर पुलिस ने कर्मचारी सुशील, विनोद कुमार और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ चोरी के प्रयास का मामला दर्ज किया है।
ब्लॉक प्रमुख डॉ. विनोद मलिक ने जिला कृषि अधिकारी की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि मौके पर आठ लोग मौजूद थे लेकिन रिपोर्ट सिर्फ तीन के खिलाफ दर्ज कराई गई। अवकाश के दिन गोदाम का ताला खुला कैसे और प्राइवेट कर्मचारियों के पास चाबी कहां से आई।
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उन्होंने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारी अपने कर्मचारियों को बचा रहे हैं, जबकि असली जिम्मेदार वही हैं, जिन्होंने प्राइवेट कर्मचारियों को गोदाम में घुसने दिया। ब्लॉक प्रमुख ने मामले की निष्पक्ष जांच और सभी आठ आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

जिला कृषि अधिकारी बोले-किसानों के हित से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
जिला कृषि अधिकारी प्रदीप कुमार यादव ने बताया कि जांच में करीब 30 से 35 बोरों में बीज बदला गया पाया गया। हालांकि स्टॉक का पूरा मिलान अभी बाकी है।
उन्होंने कहा कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज और खाद उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। जांच में जिन-जिन के नाम सामने आएंगे, कार्रवाई होगी।

कौन बोला सच, जांच से होगा साफ
इस प्रकरण में ब्लॉक प्रमुख और गोदाम प्रभारी दोनों ने ताला लगाने का दावा किया है। ब्लॉक प्रमुख डॉ. विनोद मलिक का कहना है कि उन्होंने कर्मचारियों को बाहर निकालकर खुद ताला लगाया और अधिकारियों को सूचना दी।
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वहीं गोदाम प्रभारी अलताफ अली ने पुलिस को दी तहरीर में कहा कि सूचना मिलने पर वह मौके पर पहुंचे और उन्होंने ताला लगाया
अब यह सवाल उठ रहा है कि ताला आखिर किसने लगाया और गोदाम में सरकारी बीज के बोरों की हेराफेरी में किसकी भूमिका थी।
जांच में यदि पारदर्शिता बरती गई तो विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत भी उजागर हो सकती है।
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