शामली। जिले में कैराना, कांधला और गंगेरु में 280 औद्योगिक पावरलूम और हैंडलूम की 500 इकाइयां काम कर रही हैं। पावरलूम और हैंडलूम के उत्पाद हरियाणा के पानीपत और करनाल जिलों में बिक रहे हैं।
हैंडलूम विभाग के सहायक निदेशक अनिल कुमार दीक्षित ने बताया कि पावरलूम इकाई में दो मशीनों पर ढाई लाख और एक लाख रुपये की छूट दी जा रही है, तथा एक लाख रुपये का ऋण लेना होगा। सेमी पर दो मशीनों में तीन लाख रुपये की लागत पर 60 प्रतिशत छूट और 40 प्रतिशत स्वयं की धनराशि खर्च करनी होगी। शटल लैस पर पांच लाख रुपये प्रति मशीन पर 60 प्रतिशत की छूट दी जा रही है और 40 प्रतिशत बुनकरों को स्वयं खर्च करना होगा।
बताया कि काफी समय से पावरलूम का पोर्टल साइट न चलने के कारण बंद था, लेकिन अब साइट चलने से बुनकरों की संख्या में वृद्धि होने की संभावना है। जनवरी माह में सभी आवेदनों के प्रार्थनापत्र आने के बाद साक्षात्कार कराए जाएंगे।