शामली। सरकारी अस्पतालों में छुट्टी के दिन शासन ने 11 बजे तक ओपीडी में चिकित्सकों को मरीजों की जांच कर उपचार करने के निर्देश दिए हैं। अस्पतालों में रविवार से तीन दिन की लगातार छुट्टी है। सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में कक्ष तो खुले मिले, लेकिन चिकित्सक नदारद थे। जो चिकित्सक आए, वे दस बजे के बाद पहुंचे, जबकि मरीज सुबह सात बजे से पहले ही अस्पताल पहुंचना शुरू हो गए थे। मरीज उपचार मिलने की आस लिए डॉक्टरों के इंतजार में बैठे रहे।
इस समय डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और वायरल बुखार का प्रकोप चल रहा है। ऐसे में अस्पतालों में मरीजों की भीड़ लगी है। सोमवार को जिला अस्पताल में सुबह से ही मरीज पहुंचने शुरू हो गए थे, लेकिन ओपीडी में चिकित्सक नहीं थे। मरीज चिकित्सकों की इंतजार करते रहे। जिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. अंजू जोधा भी सुबह नौ बजे अपने कक्ष में पहुंची। बताया गया है कि दस बजे के बाद दो-तीन चिकित्सक पहुंचे। इनमें एक चिकित्सक की ड्यूटी इमरजेंसी में रही। चिकित्सक न मिलने से मरीज परेशान रहे। जिला अस्पताल में करीब 175 मरीजों ने नया पर्चा बनवाया, जबकि 25 से ज्यादा मरीज पुराना पर्चा लेकर अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे।
सीएचसी में 200 से ज्यादा मरीजों को मिला उपचार
सीएचसी शामली में सोमवार सुबह आठ बजे से ओपीडी में चिकित्साधीक्षक डॉ. रामनिवास और डॉ. दीपक चौधरी ने ओपीडी में मरीजों की जांच कर उपचार दिया। मरीज सुबह से ही सीएचसी पर पहुंचना शुरू हो गए थे। जांच कराने के लिए मरीजों की लाइन लगी रही और दवा लेने के लिए खिड़की पर भीड़ लगी रही। चिकित्साधीक्षक ने बताया कि ओपीडी में 11 बजे तक करीब 200 मरीजों की जांच कर दवा दी गई।
यह बोले मरीज
- गांव गंगेरू निवासी नवाब अली ने बताया वह सुबह सात बजे जिला अस्पताल में आया था। उसे बुखार है, लेकिन करीब तीन घंटे हो गए कोई डाॅक्टर नहीं आया। वह डाॅक्टर की इंतजार में बैठा है।
- कांधला निवासी अख्तरी ने बताया उसे कई दिन से बुखार आ रहा है। वह डेंगू की जांच कराने के लिए जिला अस्पताल में सुबह आठ बजे आई, पर यहां पर न तो डाॅक्टर है और न ही कोई जांच करने वाला है।
- झिंझाना निवासी तसलीम ने बताया वह सुबह सात बजे जिला अस्पताल पहुंच गया था। उसे श्वास लेने में परेशानी है। इलाज के लिए ओपीडी में कोई डाॅक्टर अभी तक नहीं आया।
- कैराना निवासी शबाना ने बताया वह आठ बजे अस्पताल आई थी। उसे पीलिया की जांच करानी है, लेकिन यहां डाॅक्टर नहीं मिला है।
जिला अस्पताल में इमरजेंसी और ओपीडी में चार चिकित्सक मौजूद थे। कई चिकित्सक राजपत्रित अवकाश पर रहे। वे स्वयं भी इमरजेंसी और ओपीडी में रहकर मरीजों के जांच व उपचार की व्यवस्था का जायजा लिया। अस्पताल में आने वाले सभी मरीजों की जांच कर उपचार दिया गया।
-डॉ. अंजू जोधा, सीएमएस जिला अस्पताल