इमरजेंसी में पैसे की थी जरूरत
कमालपुर निवासी पवन और अमित ने बताया कि उनके परिजन गंभीर हालत में निजी अस्पताल में भर्ती हैं और इमरजेंसी के लिए तुरंत पैसों की जरूरत थी। सुबह से लाइन में लगे रहने के बावजूद बार-बार टालने से उनका सब्र जवाब दे गया।
एक महीने से चल रही समस्या
ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले एक महीने से यही स्थिति बनी हुई है। रोजाना दोपहर दो बजे के बाद आने को कहा जाता है, कैश वैन देर से पहुंचती है और सीमित नकदी देकर अगली तारीख दे दी जाती है। साथ ही बैंक स्टाफ पर अभद्र व्यवहार, केवाईसी कार्यों में लापरवाही और पासबुक एंट्री न करने के आरोप भी लगाए गए। सूचना मिलने पर पहुंचे गणमान्य लोगों की समझाइश के बाद ग्रामीण शांत हुए और बैंक का शटर खोला गया।
शाखा प्रबंधक ने दिया आश्वासन
शाखा प्रबंधक अंकुर पारिक ने बताया कि यह शाखा अधिक कैश डिमांड वाली है और सोमवार को नकदी जल्दी समाप्त हो गई थी। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही नकदी की नियमित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।