झिंझाना। सोमवार को बहुउद्देशीय प्राथमिक सहकारी ग्रामीण समिति (बीपेक्स) में खाद वितरण के दौरान अव्यवस्था फैल गई। घंटों इंतजार के बाद भी कई किसानों को खाद नहीं मिली तो उन्होंने हंगामा कर पक्षपात और अनियमितता के आरोप लगाए। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस बुलानी पड़ी, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था के बीच खाद वितरण कराया गया।
समिति से झिंझाना, रजाकनगर, जमालपुर, पीरखेड़ा, सिकंदरपुर, टपराना, लपरना, दरगाह पुर और होशंग पुर समेत नौ गांवों के किसानों को खाद वितरित की जाती है। किसानों ने बताया कि सोमवार को दरगाह पुर और होशंगपुर के किसानों की बारी थी। सूचना मिलते ही किसान सुबह पांच बजे से समिति परिसर पहुंचने लगे और लंबी कतारें लग गईं। किसानों का आरोप है कि कई लोगों को बिना लाइन के खाद दे दी गई, जबकि कुछ किसान घंटों इंतजार करते रहे।
एक आधार कार्ड पर तीन कट्टे दिए जा रहे थे, लेकिन कई किसानों को एक कट्टा भी नहीं मिल सका। किसानों ने कहा कि बुआई के समय खाद की जरूरत सबसे अधिक है, लेकिन पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से उन्हें परेशानी झेलनी पड़ रही है।
हंगामे के दौरान किसानों और कर्मचारियों में नोकझोंक भी हुई। इस दौरान किसान कवरसेन, रामकुमार, ब्रह्मपाल, धर्मेंद्र शर्मा, रामपाल, वीर सिंह और सोनू रहे। समिति के डायरेक्टर विनीत पंवार ने बताया कि सुबह करीब 500 कट्टों की खेप पहुंची थी, जिसका वितरण कर दिया गया। लगभग 160 किसानों को खाद मिली, जबकि कई किसान बिना खाद लिए लौट गए। उन्होंने कहा कि अगली खेप आने पर शेष किसानों को खाद उपलब्ध कराई जाएगी।