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UP: ISI एजेंट तहसीम को जल्द रिमांड पर ले सकती है NIA, जांच में हुए बड़े खुलासे, कई अन्य लोग रडार पर

Mon, 15 Jan 2024 05:45 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली

सार

आईएसआई एजेंट तहसीम की गिरफ्तारी के बाद जांच और पूछताछ में बड़े खुलासे हो रहे हैं।इसके बाद एनआईए  के रडार पर पश्चिमी यूपी के कई अन्य लोग भी हैं। बताया जा रहा है कि आईएसआई एजेंट 15 से 17 दिन नकली नोट चलानेए हथियार तस्करी की ट्रेनिंग देते हैं। हालांकि एनआईए जल्द ही तहसीम को रिमांड पर ले सकती है।
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आईएसआई एजेंट तहसीम। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पाकिस्तान के लाहौर, कोटादू आदि में जाने वाले भारत के लोगों को बहकावे में लेकर आईएसआई एजेंट नकली नोट और हथियारों की तस्करी के लिए 15 से 17 दिन की ट्रेनिंग देते हैं। एसटीएफ और पुलिस की जांच में यह बातें सामने आई हैं। एसटीएफ जांच में जुटी है कि शामली और वेस्ट यूपी के कौन-कौन लोग ट्रेनिंग लेकर पाकिस्तान से वापस लौटे हैं। उधर, तहसीम को जल्द एनआईए रिमांड पर ले सकती है।

हाल ही में एसटीएफ के एएसपी बृजेश कुमार सिंह के नेतृत्व में टीम ने शामली के मोहल्ला नौ कुआ रोड के रहने वाले आईएसआई एजेंट तहसीम को गिरफ्तार किया था। इसके पास से 15 हजार के नकली नोट भी बरामद किए गए थे। आरोपी को लखनऊ जेल भेज दिया गया है।

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एसटीएफ के सूत्रों के अनुसार, जांच में पता चला है कि पाकिस्तान के लाहौर और कोटादू में भारत से जाने वाले लोेगों को मालामाल बनाने का झांसा देकर 15 से 17 दिन की ट्रेनिंग दी जाती है। इसमें उन्हेें नकली नोटों को किस तरह से चलाना है, हथियारों की तस्करी किस नाम और कैसे करनी है। यह बताया जाता है। तहसीम को भी आईएसआई एजेंट दिलाशाद मिर्जा, इकबाल काना और अन्य ने 17 दिन तक की ट्रेनिंग दी थी।

मोबाइल पर भी नकली नोटों को भेजा जाता था ताकि किसी तरह की दिक्कत डिलीवरी के दौरान नहीं हो। शाहिद के लगातार तहसीम संपर्क में था। उसी के इशारे पर नकली नोट मंगवाए जा रहे थे। एसटीएफ और पुलिस ने गिराेह के फरार चल रहे सदस्य सहारनपुर के रहने वाले यूसुफ की तलाश में तीसरे दिन भी शामली, सहारनपुर के कई स्थानों पर दबिश दी।

एसटीएफ के एएसपी बृजेश सिंह का कहना है कि जल्द ही गिरोह के फरार सदस्य भी गिरफ्त में होंगे। वेस्ट यूपी के शामली के अलावा बागपत, मेरठ और अन्य जिलों के लोग पिछले कुछ समय में पाकिस्तान गए थे, उनकी गतिविधियों की जानकारी हासिल की जा रही है।

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यह है मामला
शहर के मोहल्ला नौकुआं रोड बर्फ वाली गली निवासी कलीम को 17 अगस्त को एसटीएफ ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई एजेंट के आरोप में गिरफ्तार किया था। इस मामले में एसटीएफ के निरीक्षक प्रशांत कपिल की तरफ से शहर कोतवाली में कलीम, उसके भाई तहसीम उर्फ मोटा और सहारनपुर निवासी यूसुफ उर्फ समशी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।

एसटीएफ ने उस समय बताया था कि जांच में कलीम का भाई तहसीम भी आईएसआई के संपर्क में है। व्हाट्सएप पर भारत के सैन्य क्षेत्रों के फोटो भेजे थे। जांच में सामने आया था कि सहारनपुर का रहने वाला यूसुफ भी दोनों भाइयों के संपर्क में रहकर फर्जी सिम उपलब्ध करा रहा था।

एसटीएफ ने दावा किया था कि कलीम पाकिस्तान में बैठे आईएसआई एजेंट दिलशाद मिर्जा के संपर्क में था। तीन दिन पूर्व ही एसटीएफ और पुलिस ने फरार चल रहे कलीम के भाई तहसीम को गिरफ्तार किया था।

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