फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: इंश्यारेंस कंपनी के शाखा प्रबंधक पर लगाया दो लाख रुपये जुर्माना, जान लीजिए किया था कारनामा

Thu, 19 Sep 2024 03:24 PM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली

सार

शामली जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग शामली ने दि ओरियंटल इंश्योरेंस कंपनी लिं. शाखा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक को दो लाख रुपये के जुर्माने का दंड सुनाया गया है। किस वजह से ये कार्रवाई हुई है, आइए जानते है
विज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

शामली जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग शामली ने दि ओरियंटल इंश्योरेंस कंपनी लिं. शाखा द्वारा दुकान में आग लगने पर क्लेम का भुगतान न करने पर तत्कालीन शाखा प्रबंधक को दो लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित करने का आदेश सुनाया है।
विज्ञापन


शहर के मोहल्ला दयानंद नगर निवासी रेनू धामा ने 30 जून 2023 को आयोग में परिवाद दायर कराया था कि उनकी हनुमान रोड पर बुटीक की दुकान है। उसने अपनी दुकान व सामान का बीमा पांच अर्पैल 2022 को 25058 रुपये प्रीमियम अदा करके बैंक ऑफ इंडिया के माध्यम से दि ओरियंटल इंश्योरेंस कंपनी लि. शाखा बुढ़ाना रोड शामली के शाखा प्रबंधक से कराया था।

यह भी पढ़ें: बोतल नई शराब पुरानी:  दिल्ली की CM पर बोले पूर्व मुख्यमंत्री, कहा-गुंडों पर बुलडोजर चलने पर अखिलेश को है दर्द
विज्ञापन

 

यह पॉलिसी चार अप्रैल 2022 तक वैध थी। परिवादनी के मुताबिक 22 अगस्त 2022 की रात में शॉर्ट सर्किट से दुकान में आग लगने से फर्नीचर, फिटिंग व अन्य सामान जलकर नष्ट हो गया था।

इसी जानकारी बीमा कंपनी को देते हुए सभी प्रपत्र उपलब्ध कराए गए थे, लेकिन बीमा राशि का भुगतान नहीं किया गया। तत्कालीन शाखा प्रबंधक ने बीमा दावा यह कहते हुए अस्वीकार कर दिया कि उन्होंने बीमित स्थान का परिवर्तन कर दिया है जबकि यह आधार बिल्कुल असत्य है। वह बीमित स्थान पर ही अपना कार्य कर रही है। 
 
विज्ञापन

आयोग के अध्यक्ष हेमंत कुमार गुप्ता व सदस्य अभिनव अग्रवाल ने मामले की सुनवाई की। अध्यक्ष ने इंश्योरेंस कंपनी को 11 लाख 39 हजार 900 रुपये मय 12 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज क्लेम निरस्तीकरण तिथि से अंतिम अदायगी तक, शारीरिक, मानसिक व आर्थिक क्षतिपूर्ति के 50 हजार रुपये, परिवाद व्यय के दस हजार रुये परिवादनी को भुगतान करने के लिए आयोग में जमा करने का आदेश सुनाया।

बीमा कंपनी के तत्कालीन शाखा प्रबंधक राजाराम चौधरी द्वारा इस मामले में किए गए अनुचित व्यापार, व्यवहार और अनैतिक आचरण के लिए दो लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित भी किया।

आयोग के अध्यक्ष ने यह भी आदेश सुनाया कि अर्थदंड की धनराशि बीमा कंपनी अपने तत्कालीन शाखा प्रबंधक से वसूल की जाएगी। किसी भी सूरत में अर्थदंड की धनराशि बीमा कंपनी के खजाने से अदा नहीं की जाएगी। अर्थदंड की धनराशि परिवादनी को देय न होकर नियमानुसार राजकोष में जमा की जाएगी। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें