शामली। बरसात का मौसम शुरू होते ही टाइफाइड बुखार के मरीज बढ़ गए हैं। जिला अस्पताल में रोजाना होने वाली जांच में 20 से 25 मरीजों में टाइफाइड बुखार के केस मिल रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि इस मौसम में लोगों को खानपान में सावधानी बरतने की जरूरत है। बुखार होने पर चिकित्सक की सलाह से जांच व उपचार कराना चाहिए।
जुलाई के महीने से बरसात का मौसम शुरू हो जाता है। इस मौसम में दूषित पानी व गलत खानपान की वजह से टाइफाइड बुखार होता है। इसकी शुरूआत बुखार से होती है, जो धीरे-धीरे बढ़ता जाता है। एक सप्ताह बाद टाइफाइड के लक्षण नजर आने लगते है। जिला अस्पताल में लैब टैक्नीशियन शिवांगी ने बताया लैब में रोजाना 70 से 80 सैंपलों की जांच हो रही है। इनमें 20 से 25 मरीजों में टाइफाइड होना सामने आ रहा है।
वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. अशोक कुमार का कहना है कि बरसात के मौसम में टाइफाइड के केस बढ़ जाते हैं। इसकी वजह दूषित पानी व बासी भोजन करना होता है। लैब में जो मामले सामने आ रहे हैं, उनमें कई ऐसे भी हो सकते हैं, जिन्हें पहले टाइफाइड हुआ हो और उन्होंने बुखार ठीक होने के बाद दवा बीच में छोड़ दी। उन्हें फिर से बुखार आने पर उनकी जांच में टाइफाइड आ सकता है। उनका कहना है कि मरीजों को साफ-सफाई पर ध्यान देना चाहिए और ताजा बना भोजन करना चाहिए। बासी भोजन करने से बचना चाहिए। अगर किसी को बुखार होता है तो चिकित्सक की सलाह से जांच व उपचार कराना चाहिए। उनका कहना है कि अगर समय पर इलाज न कराया जाए तो बुखार कई सप्ताह तक रह सकता है और बाद में गंभीर हालत में पहुंच सकता है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. किशोर कुमार आहूजा का कहना है कि अस्पताल में बुखार के मरीजों की जांच की सुविधा है और पर्याप्त मात्रा में दवा उपलब्ध है।
लक्षण
तेज बुखार होना।
पेट में दर्द होना व भूख कम होना।
शरीर पर लाल भूरे रंग के चकत्ते होना।
खांसी व मांसपेशियों में दर्द होना।
उल्टी होना जी मिचलाना।
दस्त होना या कब्ज होना।
बचाव
दूषित पानी न पीए व बासी भोजन न करें।
हाथों को साफ करने के बाद भोजन करें।
घर व आसपास साफ सफाई रखें।
बुखार होने पर इलाज में देरी न करें।
चिकित्सक की सलाह से जांच व उपचार कराएं।