शामली। जिले में ठंड बढ़ने से डेंगू की रफ्तार भले ही कम हो गई है, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है। दो मरीजों के सैंपलों की एलाइजा जांच रिपोर्ट डेंगू की पुष्टि हुई है। जिले में डेंगू के केस की संख्या 292 हो गई है। 16 मरीजों के सैंपल की रिपोर्ट अभी लंबित है। डेंगू से बचाव के लिए लोगों को अभी सावधानी बरतने की जरूरत है।
अक्तूबर से नवंबर माह में डेंगू के केस की संख्या तेजी से बढ़ी है। पिछले साल जिले में डेंगू के मात्र आठ केस मिले थे, लेकिन इस बार डेंगू के रिकार्ड 290 केस पहले मिल चुके हैं। सोमवार को सैंपलों की आई एलाइजा जांच रिपोर्ट में दो मरीजों में और डेंगू की पुष्टि हुई है। इन्हें मिलाकर अब जिले में डेंगू के केस की संख्या 292 हो गई है। दो दिन पहले शनिवार को 16 मरीजों के सैंपल एलाइजा जांच के लिए भेजे गए थे, जिनकी अभी रिपोर्ट नहीं आई है।
दिसंबर के महीने में ठंड बढ़ने के कारण डेंगू के केस कम हुए हैं, लेकिन अभी खतरा है। पिछले साल डेंगू का आखिरी केस जनवरी माह में आया था। इसलिए जनवरी माह तक डेंगू के केस मिलने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में डेंगू से बचाव के लिए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। निजी चिकित्सकों के यहां डेंगू के संदिग्ध मामले अभी भी आ रहे हैं। उनकी पुष्टि के लिए सैंपल एलाइजा जांच के लिए मुजफ्फरनगर भेजे जाते हैं। वहां से रिपोर्ट आने में कई दिन लगते हैं।
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विनय कुमार ने बताया कि जिले में दो मरीजों में और एलाइजा जांच में डेंगू की पुष्टि हुई है। अब डेंगू के केस बढ़कर 292 हो गए हैं। उनका कहना है कि ठंड में डेंगू की रफ्तार कम हुई है, लेकिन अभी भी सावधानी बरतने की जरूरत है। लोगों को मच्छर को पनपने से रोकने और उससे बचाव के सभी तरीके अपनाने चाहिए।