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डेंगू और बुखार से दो की मौत, खुरगान में दहशत

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कैराना/शामली। क्षेत्र में डेंगू और बुखार के बढ़ते प्रकोप के चलते लोगों में दहशत बढ़ रही है। रविवार को दिल्ली अस्पताल में डेंगू का उपचार करा रहे 40 वर्षीय ग्रामीण की मौत हो गई। इसके अलावा खुरगान में ही बुखार के चलते 60 वर्षीय ग्रामीण की भी मौत हो गई। वहीं शामली में 34 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है।
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गांव खुरगान निवासी 40 वर्षीय मुस्तकीम को पांच दिन पहले तेज बुखार आने पर शामली के एक प्राइवेट नर्सिंगहोम में भर्ती कराया था। दो दिन बाद मुस्तकीम की प्लेटलेट्स 15 हजार आने पर डॉक्टर ने उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया था। जिसके बाद परिजनों ने मुस्तकीम को दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया था। रविवार को उपचार के दौरान दिल्ली अस्पताल में मुस्तकीम की मौत हो गई। परिजनों ने मुस्तकीम के शव को अपने गांव खुरगान लाकर गमगीन माहौल में कब्रिस्तान में सपुर्द-ए-खाक कर दिया।
दूसरे मामले में खुरगान के ही 60 वर्षीय लियाकत मुंशी को पिछले एक सप्ताह से तेज बुखार आ रहा था। परिजन लियाकत का उपचार गांव में ही करा रहे थे। रविवार को लियाकत की बुखार के चलते मौत हो गई। एक ही दिन में डेंगू व बुखार से दो मौत पर गांव में दहशत बनी है। वहीं भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चे के जिला उपाध्यक्ष अरशद चौहान व अन्य ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से गांव में केवल कैंप लगाए जा रहे हैं। जबकि मलेरिया विभाग की ओर से गांव में अभी तक भी एंटी लार्वा या फॉगिंग का कार्य नहीं कराया गया है।
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उधर, जनपद में डेंगू बुखार का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। जिले में बुखार के 34 मरीजों के सैंपलों की एलाइजा जांच में डेंगू की पुष्टि हुई है। अब जिले में डेंगू के केस की संख्या बढ़कर 159 हो गई है। जिले में डेंगू बुखार के केस लगातार मिल रहे हैं। जिले में बुखार के संदिग्ध मरीजों के सैंपल लेकर एलाइजा जांच को मुजफ्फरनगर भेजे जाते हैं। रविवार को आई सैंपलों की जांच रिपोर्ट में 34 और मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। अब जिले में डेंगू के केस बढ़कर 159 हो गए हैं।
त्योहारों पर बाजार में बढ़ी भीड़
शामली। त्योहारों पर बाजारों में भीड़ बढ़ गई है, लेकिन लोग कोरोना को लेकर लापरवाही बरत रहे हैं। न मास्क लगा रहे हैं और न ही सोशल डिस्टेंस का पालन हो रहा है। उधर, भीड़ को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। स्वास्थ्य विभाग कोरोना की जांच के लिए रोजाना दो हजार के लगभग सैंपल लेकर जांच को भेजे जा रहे हैं, हालांकि कोरोना का कोई नया केस मिला है।
जिले में सितंबर माह के बाद कोरोना का कोई नया केस नहीं मिला है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक पिछले महीने लांक के मूल निवासी एक व्यक्ति कोरोना संक्रमित मिला था, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की जांच में सामने आया था कि वह व्यक्ति गांव में नहीं रहता। वह मेरठ में रहता है और वहीं पर जांच में वह कोरोना संक्रमित मिला था। आधार कार्ड में गांव का पता होने के कारण वह जिले के पोर्टल पर दर्ज हुआ था। त्योहारों पर बाजारों में बढ़ी भीड़ को देखते हुए शासन ने कोरोना की जांच के लिए रोजाना 2100 सैंपल लेने का लक्ष्य दिया है। इनमें 1100 एंटीजन और बाकी आरटीपीसीआर है। आरटीपीसीआर सैंपल की जांच मेरठ में होती है। जिले में करीब 22 स्वास्थ्य टीमें लगी हुई है। प्रत्येक टीम को 150 सैंपल प्रतिदिन का लक्ष्य दिया गया है। सीएचसी के वरिष्ठ लैब पर्यवेक्षक रोहित कुमार ने बताया कि कोरोना की जांच के लिए रोजाना सैंपल लिए जा रहे हैं। सैंपलों की जांच में कोरोना का कोई नया केस नहीं मिला है।
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