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टीवी, मोबाइल व लैपटॉप का स्वास्थ्य पर पड़ रहा प्रतिकूल असर: ज्ञान सागर

Mon, 29 Apr 2019 11:08 PM IST
NAVEEN GUPTA अमर उजाला ब्यूरो
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file photo - फोटो : amarujala
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राष्ट्रीय जैन संत आचार्य 108 श्री ज्ञानसागर जी महाराज ने कहा कि टीवी, मोबाइल व लैपटॉप का स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। महिलाएं, पुरुष, युवा और बच्चे अनिंद्रा के शिकार हो रहे है। उन्होंने सभी से जल्दी सोने और उठने का आह्वान किया।
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तालाब रोड स्थित जैन धर्मशाला में श्री दिगंबर जैन साधु सेवा समिति की ओर आयोजित धर्म सभा में आचार्य ज्ञान सागर महाराज ने कहा कि मृत्यु कड़वा सत्य है, इसे हमेशा याद रखो। पाप-पुण्य कर्म हमें समय-समय पर झेलने पड़ते हैं। स्वार्थ की दुनिया है, सभी अपने दुख से ना दुखी होकर दूसरे के सुख से दुखी हैं। हम संपत्ति वैभव से शांति चाहते हैं जबकि वह इससे आने वाले ही नहीं है। शांति भगवान के चरणों में प्राप्त होती है। हमें मन की प्रसन्नता के लिए कार्य करना चाहिए। हंसना भी जीवन के लिए लाभकारी है। टीवी, मोबाइल का इस्तेमाल करना बड़ा ही घातक सिद्ध होता है। इससे बड़ी बीमारियां हमारे शरीर में हो जाती हैं। जो इन चीजों का इस्तेमाल नहीं करता है, वह सुखी रहता है। इस मौके पर सुभाष चंद जैन, अजीत जैन ने महाराज जी का पाद प्रक्षालन कर शास्त्र भेंट किया। संदीप जैन, रेनू जैन, संयोगिता जैन मौजूद रहे। समिति के अध्यक्ष जेके जैन, महामंत्री अनिल जैन कोषाध्यक्ष, प्रवीण कुमार जैन, राजीव जैन, पंकज जैन ललित जैन, मोहित जैन,  अनिल जैन, आदेश जैन, आलोक जैन, सचिन जैन, अजय जैन, श्रीपाल जैन आदि का सहयोग रहा।

नेता मर्यादा में रहकर काम करें: ज्ञानसागर
आचार्य ज्ञानसागर जी महाराज ने कहा कि देश के नेताओं को अपनी वाणी में संयम बरतना चाहिए। मर्यादा में रहकर काम करना होगा। मर्यादाओं का उल्लंघन उचित नहीं है। धर्म में राजनीति नहीं होनी चाहिए। अच्छे लोगों से देश चल रहा है। मान मर्यादा और ईमानदारी से नेताओं को कार्य करना होगा। पत्रकार वार्ता में महाराज श्री ने कहा कि हर मजहब में स्वतंत्रता है। देश में हिंदू मुस्लिम एकता और सद्भाव की मिसाल रही है। विश्व में शांति, अंहिसा, भाईचारा, सहिष्णुता एक दूसरे का समर्पण और सम्मान से संभव है। महाराज श्री ने कहा कि जेलों में रह रहे लोगों के जीवन में परिवर्तन आया है। अच्छे नागरिक बनने का मौका मिला है। उन्होंने कहा कि दुर्जन लोग गठबंधन कर लेते है। ऐसे गठबंधन से सज्जन पुरुषों का प्रभाव कम हो जाता है। लोग अच्छे बुरे संत की पहचान करें। गलत संतों से दूर रहे। कहा कि शामली को आदर्श जिला बनाने के लिए तन-मन की स्वच्छता बनाए रखने की जरूरत है। इसके अलावा उन्होंने माता पिता को अपने बच्चों पर ध्यान देने की हिदायत दी। अभिभावक मीटिंग में शामिल होकर उनकी समस्याओं से रूबरू हो। बच्चों को समय दें। शाकाहारी बनने और नशा मुक्त जीवन जीने की सलाह दी है।
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