शामली। गर्मी हो या सर्दी मच्छरों से राहत नहीं मिल रही है। मच्छरों के डंक से लोग मलेरिया बुखार का शिकार बन रहे हैं। यहां तक कि ठंड के महीनों में भी मच्छर पनप रहे हैं। इस साल के पहले तीन महीने में मलेरिया के 10 केस सामने आए हैं। हालांकि पिछले छह साल की स्थिति देखे तो मलेरिया कम होने से राहत जरूर मिली है। छह साल पहले जिले में 510 केस मलेरिया के सामने आए थे। जबकि पिछले साल 57 केस मिले। इसके बाद भी लोगों से मलेरिया से बचाव करने के लिए सावधानी बरतने की जरूरत है।
स्वास्थ्य विभाग मलेरिया बुुखार से बचाव के लिए समय-समय पर एंटी लार्वा का छिड़काव व जागरूकता अभियान चलाने के दावे करता है, लर्थन इसके बाद भी मलेरिया लोगों का पीछा नहीं छोड़ रहा है। मलेरिया बुखार मच्छरों से होने वाला संक्रामक रोग है, जो मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से होता है। इस समय गर्म हवा लू चल रही है, लेकिन मच्छरों का प्रकोप कम नहीं हो रहा है। पहले माना जाता था कि ठंड के मौसम में और गर्म हवा में मच्छरों से निजात मिलती है, लेकिन अब हालत ये है कि सर्दी हो या गर्मी मच्छर कम या ज्यादा तो होता है, लेकिन खत्म नहीं होता। यही वजह है कि इस साल के पहले तीन महीने जनवरी से मार्च तक ठंड के मौसम में भी 5312 लोगों की जांच में मलेरिया के दस केस मिले हैं। लेकिन राहत की बात ये है कि पिछले छह साल में मलेरिया की स्थिति देखी तो 2016 में मलेरिया के सबसे ज्यादा 510 केस मिले थे। पिछले साल 2021 में 57 केस सामने आए। भले ही मलेरिया कम हुआ हो, लेकिन मच्छरों से अभी भी पूरी तरह सावधानी बरतने की जरूरत है। मच्छर ज्यादा और मलेरिया कम होने के पीछे लोगों में साफ-सफाई और मच्छरों से बचाव को लेकर जागरूकता माना गया है।
मलेरिया बुखार के लक्षण :
तेज बुखार होना।
पसीना आना।
शरीर में दर्द होना।
उल्टी आना।
बचाव :
- मच्छरों केे घर के अंदर या बाहर पनपने न दे।
- अपने आसपास साफ-सफाई रखें।
- घर व आसपास पानी इकट्ठा न होने दे।
- घर के कोने में समय-समय पर कीटनाशक दवाओं का छिड़कांव कराएं।
- मच्छरों से बचाव के लिए पूरे शरीर केे ढकने वाले कपड़े पहने।
- खिड़की दरवाजों पर बारीक जाली लगवाएं।
- ताजे भोजन का सेवन करें, बासी भोजन न खाएं।
- साफ एवं ताजा पानी पीये।
- बुखार होने पर चिकित्सक की सलाह से जांच व उपचार कराएं।
छह साल में मलेरिया की स्थिति :
साल जांच केस
2016 - 44478 - 510
2017 - 36645 - 268
2018 - 28054 - 143
2019 - 25124 - 97
2020 - 24778 - 38
2021 - 27329 - 57
2022 मार्च तक - 5312 - 10
कोट :
मलेरिया बुखार की रोकथाम के लिए समय-समय पर एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जाता है। मच्छरों से बचाव और बुखार होने पर उपचार की जानकारी के लिए स्वास्थ्य शिक्षा देकर लोगों को जागरूक किया जाता है। सभी अस्पतालों में मलेरिया बुखार की जांच और उपचार की सुविधा है। - डॉ. विनय कुमार, जिला मलेरिया अधिकारी।